
नई दिल्ली। अफ्रीका में इबोला संक्रमण के बढ़ते खतरे के बीच भारत ने प्रभावित देशों और अफ्रीका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (अफ्रीका सीडीसी) को हरसंभव मदद जारी रखने का भरोसा दिया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा कि भारत की ओर से भेजी गई मेडिकल सामग्री और सुरक्षा किट युगांडा में भारत के उच्चायुक्त उपेंद्र सिंह रावत ने अफ्रीका सीडीसी के अधिकारियों को सौंपी है।
उन्होंने कहा कि भारत ने अफ्रीका सीडीसी को मेडिकल सप्लाई की पहली खेप भेज दी है और आगे भी जरूरत के अनुसार सहयोग जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह महाद्वीप इस समय गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति का सामना कर रहा है और भारत इस संकट में अफ्रीकी देशों के साथ खड़ा है।
पिछले सप्ताह भारत ने इबोला से निपटने के लिए जरूरी दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों और सुरक्षा किट की पहली खेप रवाना की थी।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा था कि भारत अफ्रीका में उभरती इबोला स्वास्थ्य आपात स्थिति से निपटने में पूरा सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
इथियोपिया स्थित अफ्रीका सीडीसी ने बुधवार को जानकारी दी कि भारत सरकार और भारतीय जनता द्वारा भेजी गई आपातकालीन चिकित्सा सामग्री युगांडा में उसके पूर्वी अफ्रीका क्षेत्रीय समन्वय केंद्र को प्राप्त हो गई है। इन सामग्रियों को पूर्वी कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के प्रभावित इलाकों में भेजा जाएगा।
इस खेप में जांच किट, जरूरी दवाइयां, संक्रमण रोकथाम सामग्री और मरीजों के उपचार से जुड़े उपकरण शामिल हैं। अफ्रीका सीडीसी ने भारत के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि यह मदद महाद्वीप में स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 17 मई को इस इबोला संकट को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति घोषित किया था।
इबोला एक गंभीर और कई बार जानलेवा बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थ, संक्रमित वस्तुओं या संक्रमित जानवरों के संपर्क से फैलती है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, उल्टी, दस्त और गंभीर मामलों में आंतरिक व बाहरी रक्तस्राव शामिल हैं।
भारत पिछले कुछ वर्षों में अफ्रीकी देशों को स्वास्थ्य सहायता देने में लगातार सक्रिय रहा है। कोविड-19 महामारी के दौरान भी भारत ने कई देशों को दवाइयां और वैक्सीन उपलब्ध कराई थीं।
With inputs from IANS