इबोला से लड़ाई में अफ्रीका के साथ भारत, 43 टन चिकित्सा सहायता की दूसरी खेप रवानाBy Admin Tue, 02 June 2026 01:44 PM

नई दिल्ली: इबोला प्रकोप से जूझ रहे अफ्रीकी देशों की मदद के लिए भारत ने मंगलवार को अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Africa CDC) को चिकित्सा सहायता की दूसरी खेप भेजी। 43 टन वजनी इस खेप में सुरक्षा उपकरण, जांच एवं निगरानी उपकरण, दवाइयां और पोषण संबंधी सप्लीमेंट शामिल हैं, जिनका उद्देश्य अफ्रीका की इबोला से निपटने की क्षमता को मजबूत करना है।

विदेश मंत्री S. Jaishankar ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि भारत द्वारा भेजी गई यह दूसरी खेप अफ्रीका में सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों को मजबूत करने और इबोला के खिलाफ चल रहे प्रयासों को और प्रभावी बनाने में मदद करेगी।

इससे पहले 24 मई को भारत ने अफ्रीका CDC को आपातकालीन चिकित्सा सामग्री और सुरक्षा किट की पहली खेप भेजी थी। उस समय भी भारत ने अफ्रीका में उभर रहे इबोला स्वास्थ्य संकट से निपटने में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया था।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने हाल ही में बताया था कि भारत द्वारा भेजी गई चिकित्सा सहायता को युगांडा में भारत के उच्चायुक्त Upender Singh Rawat ने अफ्रीका CDC के अधिकारियों को सौंपा।

31 मई को अफ्रीका CDC ने भी भारत की इस सहायता का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया था। संगठन ने कहा था कि भारत की मदद Democratic Republic of the Congo में तेजी से फैल रहे बुंडीबुग्यो इबोला प्रकोप से निपटने के प्रयासों को मजबूती प्रदान करेगी।

गौरतलब है कि World Health Organization (WHO) ने 17 मई को इस इबोला संकट को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था।

इबोला एक गंभीर और अक्सर घातक बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक तरल पदार्थों, संक्रमित जानवरों या दूषित वस्तुओं के सीधे संपर्क से फैलती है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, उल्टी, दस्त और गंभीर मामलों में आंतरिक एवं बाहरी रक्तस्राव शामिल हैं।

पिछले कुछ वर्षों में भारत ने अफ्रीकी देशों को स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सहायता प्रदान की है। विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने कई अफ्रीकी देशों को दवाइयां, टीके और अन्य आवश्यक चिकित्सा सामग्री उपलब्ध कराई थी। इबोला संकट के दौरान भी भारत का यह सहयोग अफ्रीका के साथ उसकी मजबूत साझेदारी और मानवीय प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

 

With inputs from IANS