
तेहरान: ओमान तट के पास भारतीय चालक दल वाले एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद ईरान ने अमेरिका की कड़ी आलोचना की है। ईरान ने इस घटना को "सशस्त्र लूट और राज्य प्रायोजित समुद्री डकैती" की अमेरिकी नीति का उदाहरण बताया है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baqaei ने शुक्रवार को भारतीय नाविकों की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना जताई। साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अमेरिका को उसके "कानूनविहीन आचरण" के लिए जवाबदेह ठहराने की मांग की।
बकाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "भारतीय चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिका के क्रूर हमले, जिनमें कम से कम तीन भारतीय नागरिकों की जान गई, अमेरिका की सशस्त्र लूट और राज्य प्रायोजित समुद्री डकैती की नीति का स्पष्ट प्रमाण हैं। हम मृतक नाविकों के परिवारों और मित्रों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं तथा भारत की जनता और सरकार के प्रति अपनी गहरी शोक संवेदना प्रकट करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अमेरिका के ऐसे कदमों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि इससे वैश्विक शांति, सुरक्षा और समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता को खतरा पैदा हो रहा है।
ईरान की यह प्रतिक्रिया उस घटना के बाद आई है, जिसमें बुधवार को ओमान तट के निकट वाणिज्यिक जहाज ‘सेत्तेबेलो’ पर हमला हुआ था। जहाज पर सवार 24 भारतीय चालक दल के सदस्यों में से 21 को बचा लिया गया, जबकि तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई।
इस बीच भारत ने भी इस घटना पर अमेरिका के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित एक अंतर-मंत्रालयी प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि पश्चिम एशिया में भारतीय नाविकों से जुड़े हालिया हमले बेहद चिंताजनक हैं।
उन्होंने कहा, "ओमान तट के पास हुए हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई है, जिसकी हम निंदा करते हैं। हमने अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी (CDA) को तलब कर इस मामले में अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। क्षेत्र में जहाजों पर लगातार हो रहे हमले गंभीर चिंता का विषय हैं और ये जारी संघर्ष का प्रत्यक्ष परिणाम हैं। ऐसे हमले तुरंत बंद होने चाहिए।"
जायसवाल ने यह भी कहा कि भारत अपने नाविकों की सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। भारतीय दूतावासों और नौवहन मंत्रालय के माध्यम से विदेशों में कार्यरत भारतीय नाविकों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इन घटनाओं में शामिल तीनों जहाज विदेशी झंडे वाले थे। इनमें से दो जहाज पलाऊ के ध्वज के तहत पंजीकृत थे, जबकि तीसरा गिनी के ध्वज वाला था। ये जहाज भारतीय स्वामित्व वाले नहीं थे।
भारत ने एक बार फिर क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया है।
WIth inputs from IANS