




काबुल। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसकी सेना ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में कथित तौर पर ISIS से जुड़े ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। अफगान मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इन ठिकानों का इस्तेमाल अफगानिस्तान के खिलाफ हमलों की योजना बनाने और उनका समन्वय करने के लिए किया जा रहा था।
अफगानिस्तान स्थित समाचार एजेंसी खामा प्रेस के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि रातभर चले अभियान में कई "महत्वपूर्ण और पूर्व निर्धारित लक्ष्यों" को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया।

मंत्रालय ने दावा किया कि हाल के वर्षों में अफगानिस्तान में हुए कुछ सबसे घातक हमलों के तार पाकिस्तान के इन इलाकों में सक्रिय नेटवर्क से जुड़े रहे हैं। बयान में कहा गया कि देश की सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा पैदा करने वाले किसी भी समूह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, "इन लक्ष्यों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया है। अफगानिस्तान अब अपनी सुरक्षा और स्थिरता के खिलाफ किसी भी खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगा और अपनी सभी क्षमताओं का उपयोग कर ऐसे खतरों को शुरुआती स्तर पर ही समाप्त करेगा।"
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पिछले कुछ महीनों से अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। दोनों देशों के बीच सीमा क्षेत्रों में कई बार गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें नागरिक हताहतों को लेकर भी चिंता जताई गई है।
इससे पहले 11 जून को अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने काबुल में पाकिस्तान के प्रभारी राजदूत (चार्ज डी'अफेयर्स) को तलब कर अफगान हवाई क्षेत्र के कथित उल्लंघन और पाकिस्तानी हवाई हमलों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया था।
अफगान अधिकारियों के अनुसार, 9 जून की रात कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में हुए हमलों में 11 बच्चों, एक महिला और एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी, जबकि 14 अन्य महिलाएं और बच्चे घायल हुए थे।


अफगान विदेश मंत्रालय ने तब जारी बयान में कहा था कि निर्दोष नागरिकों के घरों पर बमबारी अंतरराष्ट्रीय कानूनों और सिद्धांतों का उल्लंघन है। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि अपनी क्षेत्रीय अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी वैध जिम्मेदारी है।
बयान में पाकिस्तान से अपनी आंतरिक समस्याओं का समाधान स्वयं खोजने की अपील करते हुए सवाल किया गया था कि "एक क्षेत्र में बच्चों और महिलाओं की हत्या दूसरे क्षेत्र में सुरक्षा कैसे स्थापित कर सकती है?"
अफगानिस्तान ने चेतावनी दी थी कि इस तरह के बार-बार होने वाले उल्लंघनों और घटनाओं के सभी परिणामों की जिम्मेदारी पाकिस्तान की सेना पर होगी।
हालांकि, पाकिस्तान की ओर से इस ताजा अफगान दावे पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
With inputs from IANS
