ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने इस्तीफे का ऐलान किया, नए लेबर नेता के चुने जाने तक पद पर बने रहेंगेBy Admin Mon, 22 June 2026 04:28 PM

लंदन: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री और सत्तारूढ़ लेबर पार्टी के नेता कीर स्टारमर ने सोमवार को अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि वह नए लेबर नेता के चुने जाने तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहेंगे, ताकि सत्ता का हस्तांतरण सुचारु रूप से हो सके।

10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर राष्ट्र को संबोधित करते हुए स्टारमर ने कहा, "मेरी पार्टी अब यह सवाल पूछ रही है कि क्या मैं अगले आम चुनाव तक नेतृत्व करने के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्ति हूं। मैंने अपने संसदीय दल का जवाब सुन लिया है और मैं उसे पूरे सम्मान के साथ स्वीकार करता हूं। मैंने हमेशा देशहित को सर्वोपरि रखा है। इसलिए मैंने लेबर पार्टी के नेता पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। आज सुबह मैंने महाराज (राजा) को भी अपने निर्णय की जानकारी दे दी है।"

स्टारमर ने जुलाई 2024 के आम चुनाव में लेबर पार्टी को 14 वर्षों बाद ऐतिहासिक जीत दिलाकर सत्ता में वापसी कराई थी। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में उनकी सरकार की नीतियों, घटती लोकप्रियता और पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष के कारण उन पर इस्तीफे का दबाव लगातार बढ़ रहा था।

अपने संबोधन में स्टारमर ने कहा कि राजनीति में उनका उद्देश्य हमेशा ब्रिटेन को अधिक न्यायपूर्ण, सम्मानजनक और अवसरों से भरपूर देश बनाना रहा है।

उन्होंने कहा, "मैं राजनीति में लोगों का जीवन बेहतर बनाने के उद्देश्य से आया था। छह वर्ष पहले मैंने ऐसी लेबर पार्टी की कमान संभाली थी, जो राजनीतिक, आर्थिक और नैतिक रूप से बेहद कमजोर स्थिति में थी। कई लोगों ने कहा था कि पार्टी का भविष्य खत्म हो चुका है, लेकिन हमने उन्हें गलत साबित किया। हमने पार्टी में सुधार किए, यहूदी-विरोध (एंटीसेमिटिज्म) जैसी समस्याओं को दूर किया और अर्थव्यवस्था, रक्षा तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर लोगों का भरोसा फिर से हासिल किया।"

ब्रिटिश मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पार्टी के भीतर यह धारणा मजबूत हो गई थी कि मौजूदा परिस्थितियों में स्टारमर का नेतृत्व आगे जारी रखना कठिन होगा। हाल ही में हुए मेकरफील्ड उपचुनाव में जीत दर्ज करने वाले एंडी बर्नहैम को उनका संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा है। कई लेबर सांसदों का समर्थन भी बर्नहैम के पक्ष में बढ़ता दिख रहा है, हालांकि नेतृत्व के लिए औपचारिक प्रक्रिया अगले कुछ सप्ताह में शुरू होगी।

 

With inputs from IANS