पाकिस्तान के अफगानिस्तान पर हवाई हमलों की वैश्विक स्तर पर आलोचना, कई देशों ने संयम बरतने की अपील कीBy Admin Tue, 30 June 2026 03:38 PM

काबुल। अफगानिस्तान के पकतिया, पकतिका और कुनार प्रांतों में पाकिस्तान की ओर से किए गए हवाई हमलों की संयुक्त राष्ट्र समेत कई वैश्विक नेताओं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने कड़ी निंदा की है। इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कई नागरिकों के मारे जाने और घायल होने की खबर है।

तालिबान के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने सोमवार को बताया कि 28 जून की रात पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए हवाई हमलों में 36 नागरिकों की मौत हुई, जबकि 163 लोग घायल हुए। साथ ही तीन रिहायशी मकान पूरी तरह नष्ट हो गए।

घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों पक्षों से तत्काल हिंसा रोकने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा, "महासचिव दोनों पक्षों से अपने मतभेद कूटनीतिक माध्यमों से सुलझाने की अपील करते हैं। अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन किया जाना चाहिए और हर हाल में नागरिकों तथा नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।"

ADVERTISEMENT
Advertisement

संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन अफगानिस्तान (UNAMA) ने भी पुष्टि की कि इन हवाई हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित दर्जनों नागरिक मारे गए और घायल हुए हैं।

यूएनएएमए ने अपने बयान में कहा कि सभी पक्षों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के एहतियात, भेदभाव और अनुपातिकता के सिद्धांतों का पालन करना चाहिए ताकि नागरिकों को नुकसान से बचाया जा सके। मिशन ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।

वहीं, यूरोपीय संघ ने भी हालात को लेकर चिंता जताते हुए तत्काल तनाव कम करने और संयम बरतने की अपील की।

यूरोपीय संघ के विदेश मामलों के प्रवक्ता अनुआर एल अनूनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कुनार, पकतिया और पकतिका में हुए हवाई हमलों में नागरिक हताहत हुए हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का हर परिस्थिति में सम्मान किया जाना चाहिए और सभी पक्षों को तनाव कम करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।

अफगानिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदक रिचर्ड बेनेट ने भी महिलाओं और बच्चों सहित नागरिकों की मौत पर चिंता जताई। उन्होंने पाकिस्तान की सुरक्षा चिंताओं को अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में संबोधित करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

इसी तरह, अफगानिस्तान के लिए ब्रिटेन के विशेष दूत रिचर्ड लिंडसे ने भी जारी हिंसा और लगातार हो रही जनहानि पर चिंता व्यक्त करते हुए आतंकवाद की सभी प्रकार की घटनाओं की निंदा की। उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के पालन की अपील की।

इस बीच, अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने काबुल स्थित पाकिस्तान दूतावास के प्रभारी (चार्जे डी'अफेयर्स) को तलब कर अफगान हवाई क्षेत्र के उल्लंघन और कुनार, पकतिया तथा पकतिका में नागरिक घरों पर बमबारी को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया।

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि इस्लामिक अमीरात अफगानिस्तान इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून, मानवीय कानून और किसी भी संप्रभु राष्ट्र की क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन मानता है तथा इसकी कड़े शब्दों में निंदा करता है।

मंत्रालय ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान बिना ठोस सबूत के अपनी आंतरिक सुरक्षा और राजनीतिक विफलताओं का दोष वर्षों से अफगानिस्तान पर मढ़ता रहा है और सैन्य कार्रवाई के जरिए इन समस्याओं का समाधान खोजने की असफल नीति अपनाता आया है।

 

With inputs from IANS