

Quetta। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन Baloch Liberation Army (बीएलए) ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान के Jiwani क्षेत्र में स्थित पाकिस्तान कोस्ट गार्ड्स के एक शिविर पर हमला किया, जिसमें 30 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई और कई अन्य घायल हो गए।
बीएलए के प्रवक्ता Jeeyand Baloch ने जारी बयान में कहा कि शुक्रवार शाम जिवानी के पनवान इलाके में संगठन की मजीद ब्रिगेड के एक सदस्य ने विस्फोटकों से भरे एक माज़दा वाहन को कोस्ट गार्ड्स के शिविर में घुसाकर विस्फोट कर दिया।
संगठन के अनुसार, इस शक्तिशाली विस्फोट से कोस्ट गार्ड्स का किलेबंद शिविर पूरी तरह ध्वस्त हो गया।
बीएलए के मीडिया प्लेटफॉर्म 'हक्काल' ने 43 सेकंड का एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें एक ट्रक विस्फोट से कुछ क्षण पहले शिविर परिसर में प्रवेश करता दिखाई देता है। इसके बाद के दृश्य में परिसर के बड़े हिस्से को क्षतिग्रस्त दिखाया गया है।
संगठन का दावा है कि विस्फोट के तुरंत बाद उसके फतेह स्क्वाड के लड़ाकों ने कई दिशाओं से शिविर पर धावा बोला और बचे हुए सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाया।
बीएलए ने कहा कि उसके लड़ाकों ने नजदीक से मुठभेड़ की, जिससे मारे गए पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों की संख्या 30 से अधिक हो गई। संगठन का यह भी दावा है कि कई अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं और कुछ मलबे में दबे हुए हैं।
बीएलए ने कहा कि घायलों की गंभीर स्थिति और मलबे में फंसे लोगों को देखते हुए मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
संगठन ने यह भी दोहराया कि बलूचिस्तान की "पूर्ण स्वतंत्रता" तक पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के खिलाफ उसके हमले जारी रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि इसी सप्ताह बीएलए ने बलूचिस्तान के विभिन्न इलाकों में 23 हमलों की जिम्मेदारी भी ली थी। संगठन का दावा था कि 21 से 30 जून के बीच किए गए इन हमलों में 16 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए और कई अन्य घायल हुए। इन अभियानों में सुरक्षा बलों, बुनियादी ढांचे और उन वाहनों को निशाना बनाने का दावा किया गया, जिन्हें संगठन ने "शोषणकारी परियोजनाओं" से जुड़ा बताया।
हालांकि, बीएलए के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और पाकिस्तान के अधिकारियों की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि जारी नहीं की गई है।
With inputs from IANS
