कनाडा का बड़ा बयान: निज्जर हत्या मामले की अमेरिकी जांच में भारतीय अधिकारियों की संलिप्तता का कोई सबूत नहींBy Admin Wed, 08 July 2026 11:41 AM

वॉशिंगटन। कनाडा की वरिष्ठ कानून प्रवर्तन अधिकारी ने कहा है कि अमेरिकी जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे भारतीय सरकारी अधिकारियों का संबंध खालिस्तानी आतंकी Hardeep Singh Nijjar की हत्या से जुड़े मामले या हाल ही में दायर संगठित अपराध के आरोपों से साबित होता हो।

यह बयान उस समय आया है जब अमेरिकी अधिकारियों ने बहुराष्ट्रीय जांच के बाद तीन संघीय आरोपपत्र सार्वजनिक किए हैं। इन आरोपपत्रों में गैंगस्टर Lawrence Bishnoi समेत 37 लोगों पर संगठित अपराध, हत्या, रंगदारी, अपहरण और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह जांच अमेरिका, कनाडा और यूरोप में कई वर्षों तक चली।

Lisa Moreland से पूछा गया कि क्या इस जांच में पूर्व कनाडाई प्रधानमंत्री Justin Trudeau के उस आरोप का समर्थन करने वाला कोई सबूत मिला है, जिसमें उन्होंने भारतीय एजेंटों पर जून 2023 में ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में निज्जर की हत्या से जुड़े होने का आरोप लगाया था।

ADVERTISEMENT
Advertisement

इस पर मोरलैंड ने कहा कि कनाडा में इस हत्या मामले से संबंधित अलग आपराधिक मुकदमा चल रहा है और उस पर वह टिप्पणी नहीं कर सकतीं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि मंगलवार को सार्वजनिक किए गए अमेरिकी आरोपपत्रों और संगठित अपराध की जांच में भारतीय अधिकारियों की किसी भी प्रकार की संलिप्तता का कोई प्रमाण नहीं मिला है।

उन्होंने कहा, "आज जिन आरोपों और जांच की जानकारी साझा की गई है, उनमें ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह संकेत मिले कि भारतीय अधिकारी इसमें शामिल थे या उनके खिलाफ कोई आरोप लगाया गया है।"

जब उनसे पूछा गया कि क्या नए आरोपपत्रों में भारतीय सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों का समर्थन करने वाली कोई सामग्री है, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में जवाब दिया, "नहीं।"

मोरलैंड ने यह भी कहा कि जांच अभी जारी है और 50 से अधिक तलाशी वारंटों के तहत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य साक्ष्यों की जांच की जाएगी। लेकिन अब तक सामने आए तथ्यों में भारतीय सरकार को इस मामले से जोड़ने वाला कुछ भी नहीं मिला है।

अमेरिकी आरोपपत्रों में लॉरेंस बिश्नोई, उत्तर अमेरिका में उसके कथित सहयोगी Satinderjeet Singh उर्फ गोल्डी बराड़ और दो अन्य आपराधिक संगठनों के सदस्यों पर कई देशों में हत्या, रंगदारी, अपहरण, हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी का नेटवर्क चलाने का आरोप लगाया गया है। आरोपपत्र में यह भी दावा किया गया है कि बिश्नोई और बराड़ ने 18 जून 2023 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में "एच.एस.एन." नाम से पहचाने गए व्यक्ति की हत्या का आदेश दिया था, जिसकी पहचान अदालत के दस्तावेजों में सार्वजनिक नहीं की गई है।

मोरलैंड ने यह भी बताया कि इस बहुराष्ट्रीय जांच के दौरान भारतीय एजेंसियों ने जांचकर्ताओं के साथ सहयोग किया। उनके अनुसार, भारतीय अधिकारियों ने अमेरिकी Federal Bureau of Investigation (एफबीआई) और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर जांच में सहयोग किया और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध से निपटने के प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाई।

 

With inputs from IANS