
नई दिल्ली। न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी न्यूजीलैंड यात्रा को दोनों देशों के संबंधों में एक ऐतिहासिक पड़ाव बताया है। उन्होंने कहा कि भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर के बाद हो रही यह यात्रा व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और कृषि सहित कई क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा देगी। साथ ही वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूती मिलेगी।
आईएएनएस को दिए एक विशेष साक्षात्कार में मैक्ले ने कहा कि करीब 40 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड यात्रा हो रही है, इसलिए इसका विशेष महत्व है। उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड के सबसे बड़े शहर में प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। खासकर भारतीय मूल के लोग इस यात्रा को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय अब न्यूजीलैंड का तीसरा सबसे बड़ा जातीय समूह बन चुका है और बड़ी संख्या में लोग प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने पहुंचेंगे।
भारत-न्यूजीलैंड एफटीए पर बोलते हुए मैक्ले ने कहा कि यह दोनों देशों के बीच अब तक हुए सबसे व्यापक और उच्च गुणवत्ता वाले व्यापार समझौतों में से एक है। इससे व्यापार जगत को भरोसेमंद और नियम-आधारित माहौल मिलेगा, जिससे सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कृषि, निवेश, एमएसएमई और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में सहयोग तेजी से बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विज्ञान, संस्कृति, खेल और लोगों के बीच संपर्क को भी मजबूत करेगा।
भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और यूपीआई की सफलता पर उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड एक खुली अर्थव्यवस्था है और यदि कोई डिजिटल प्रणाली वहां के नियामकीय ढांचे के अनुरूप होती है तो उसके अपनाने में कोई बड़ी बाधा नहीं दिखती। उनका मानना है कि एफटीए के बाद डिजिटल सहयोग को लेकर नई संभावनाएं खुलेंगी और भविष्य में यूपीआई जैसे प्लेटफॉर्म पर भी चर्चा आगे बढ़ सकती है।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर उसके असर के सवाल पर मैक्ले ने कहा कि ऐसे हालात चिंता का विषय हैं और सभी विवादों का समाधान शांतिपूर्ण बातचीत से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत और न्यूजीलैंड के बीच एफटीए दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को स्थिरता और भरोसा देगा। उन्होंने यह भी बताया कि एयर न्यूजीलैंड भारत में अपने तीन नए कार्यालय खोल रही है, जबकि एयर इंडिया और एयर न्यूजीलैंड उड़ानों में सहयोग के लिए मंजूरी की प्रक्रिया में हैं।
भारत की तेज आर्थिक वृद्धि पर उन्होंने कहा कि इसका सबसे बड़ा कारण देश का अपने बुनियादी ढांचे, सड़कों, हवाई अड्डों और शिक्षा क्षेत्र में लगातार निवेश करना है। उनके अनुसार, भारत आज एक आत्मविश्वासी देश के रूप में उभरा है, जिसकी युवा आबादी शिक्षित है और वैश्विक अवसरों का लाभ उठाकर देश के विकास में योगदान दे रही है। उन्होंने कहा कि मुक्त व्यापार समझौते निवेशकों और कारोबारियों को स्थिर माहौल देते हैं, जिससे आर्थिक विकास को गति मिलती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर मैक्ले ने कहा कि उनके नेतृत्व में भारत ने उल्लेखनीय आर्थिक और सामाजिक बदलाव देखे हैं। उन्होंने कहा कि वह कई वर्षों से भारत आते रहे हैं और पिछले दशक की तुलना में आज का भारत पूरी तरह बदला हुआ, आत्मविश्वास से भरा और तेजी से आगे बढ़ता हुआ देश है। उन्होंने कृषि क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि न्यूजीलैंड अपनी आधुनिक कृषि तकनीक और विशेषज्ञता के माध्यम से भारत की उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में सुधार के प्रयासों में महत्वपूर्ण साझेदार बन सकता है।
वैश्विक नेता के रूप में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका पर मैक्ले ने कहा कि उन्हें दुनिया के अनेक देशों के नेता सम्मान, विश्वास और स्नेह की नजर से देखते हैं। उनके अनुसार, आज के दौर में शांत, जिम्मेदार और सहयोगात्मक नेतृत्व की जरूरत है और प्रधानमंत्री मोदी तथा न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ऐसे नेताओं में शामिल हैं, जो साझा प्रगति के लिए देशों के बीच रचनात्मक सहयोग को बढ़ावा दे रहे हैं।
With inputs from IANS