
तेहरान: ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने मंगलवार को बहरीन और जॉर्डन में स्थित कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। आईआरजीसी के अनुसार, इन हमलों में बहरीन में अमेरिकी पांचवें बेड़े (फिफ्थ फ्लीट) के मुख्यालय, पैट्रियट रडार प्रणाली, सैन्य रडार और अन्य सैन्य सुविधाओं को लक्ष्य बनाया गया।
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, आईआरजीसी नौसेना ने बहरीन में अमेरिकी सेना के हथियार भंडार, उपग्रह संचार केंद्र, सैनिकों के आवास और कई सैन्य रडार प्रणालियों पर हमला किया। वहीं, आईआरजीसी की एयरोस्पेस फोर्स ने मिसाइलों और ड्रोन के जरिए अमेरिकी पांचवें बेड़े के मुख्यालय पर समन्वित हमला करने का दावा किया है। ईरान का कहना है कि इस कार्रवाई में ईंधन भंडारण सुविधाओं में आग लग गई और पैट्रियट रडार, एयर कंट्रोल रडार तथा प्रारंभिक चेतावनी रडार प्रणाली को नष्ट कर दिया गया।
आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि जॉर्डन स्थित एक अमेरिकी एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया गया। उसके अनुसार, इस एयरबेस का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों के लिए किया जा रहा था। हालांकि, आईआरजीसी ने स्पष्ट किया कि उसकी यह कार्रवाई जॉर्डन की जनता के खिलाफ नहीं, बल्कि अमेरिकी सैन्य उपस्थिति के खिलाफ है।
उधर, अमेरिका ने भी ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को जारी रखा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि अमेरिकी समयानुसार सोमवार शाम ईरान पर लगातार तीसरी रात हवाई हमलों का नया दौर शुरू किया गया।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा कि ईरान पर हमले और अधिक तीव्र किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि खाड़ी क्षेत्र के समृद्ध देशों को अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका के सैन्य अभियानों का खर्च उठाने में आर्थिक योगदान देना चाहिए।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका दुनिया के सबसे रणनीतिक क्षेत्रों में से एक की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है और इससे लाभान्वित होने वाले देशों को भी इसकी लागत साझा करनी चाहिए।
हालांकि, इन हमलों में हुए नुकसान या हताहतों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है, और दोनों पक्षों के दावों की अलग से पुष्टि नहीं हुई है।
With inputs from IANS