ईरान का दावा: बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए जवाबी हमले, बहरीन ने ड्रोन हमले नाकाम करने की कही बातBy Admin Wed, 15 July 2026 04:54 PM

तेहरान: ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने बुधवार को दावा किया कि उसने अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन और जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। आईआरजीसी के अनुसार, इन हमलों में सैन्य ढांचे, लड़ाकू विमानों के शेल्टर, कमांड सेंटर और रणनीतिक ड्रोन को निशाना बनाया गया।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, आईआरजीसी ने एक बयान में कहा कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन के अल-अजराक स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला किया। संगठन का दावा है कि इस कार्रवाई में एफ-15, एफ-16 और एफ-35 लड़ाकू विमानों के शेल्टर तथा कई एमक्यू-9 रणनीतिक ड्रोन नष्ट कर दिए गए।

आईआरजीसी ने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में ईरान पर हुए कई अमेरिकी हमले जॉर्डन में स्थित सैन्य ठिकानों से संचालित किए गए थे। उसने जॉर्डन की जनता से अपने देश में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी समाप्त करने और अपनी भूमि का इस्तेमाल इस्लामी देशों तथा फिलिस्तीनी जनता के खिलाफ हमलों के लिए नहीं होने देने की अपील की। साथ ही, अमेरिकी संस्थानों का विरोध कर अमेरिकी सेना को देश से बाहर निकालने का भी आह्वान किया।

एक अन्य बयान में आईआरजीसी ने कहा कि उसकी नौसेना ने बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (फिफ्थ फ्लीट) से जुड़े ठिकानों पर भी हमला किया। संगठन के अनुसार, हमले में एनएसआई प्रबंधन केंद्र, सैन्य उपकरणों के बड़े गोदाम, कमांड एवं कंट्रोल सेंटर तथा ईंधन भंडारण सुविधाओं को निशाना बनाया गया।

आईआरजीसी ने कहा कि यह कार्रवाई हिंद महासागर में अमेरिकी नौसैनिक तैनाती और होरमुज जलडमरूमध्य के नाम पर समुद्री मार्गों की नाकेबंदी के जवाब में की गई।

बयान में कहा गया कि यदि अमेरिका क्षेत्र से तेल और गैस के निर्यात मार्गों को बाधित करेगा, तो उसके और उसके सहयोगी देशों के हितों से जुड़े अन्य ऊर्जा निर्यात मार्ग भी प्रभावित हो सकते हैं। आईआरजीसी ने कहा कि क्षेत्र से तेल और गैस का निर्यात या तो सभी के लिए उपलब्ध रहेगा या फिर किसी के लिए नहीं।

होरमुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है तथा इसे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन मार्गों में गिना जाता है। इसी रास्ते से खाड़ी के प्रमुख उत्पादक देशों का तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) वैश्विक बाजारों तक पहुंचती है।

इस बीच, बहरीन रक्षा बल ने दावा किया कि ईरान ने बुधवार सुबह भी नागरिक इलाकों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए। रक्षा बल के अनुसार, उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने कई ईरानी ड्रोन और हवाई हमलों को बीच रास्ते में ही रोककर नष्ट कर दिया।

बहरीन रक्षा बल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में कहा कि ईरान नागरिकों को निशाना बनाकर अपनी आक्रामक नीति जारी रखे हुए है।

रक्षा बल ने कहा कि उसकी सभी सैन्य इकाइयां पूरी तरह सतर्क हैं और देश की सुरक्षा के लिए हर समय तैयार हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे हमलों के बाद गिरे किसी भी संदिग्ध या विदेशी वस्तु के पास न जाएं और उसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।

बयान में कहा गया कि रॉयल फील्ड इंजीनियरिंग यूनिट के विशेषज्ञ ऐसे अवशेषों को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि नागरिकों और निजी संपत्तियों को निशाना बनाकर मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन है।

 

With inputs from IANS