
तेहरान। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने सोमवार को दावा किया कि उसने अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के तहत कुवैत स्थित अली अल सलेम एयर बेस पर अमेरिकी प्रारंभिक चेतावनी रडार प्रणाली और कई सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला किया है।
आईआरजीसी ने एक बयान में कहा कि ड्रोन हमले में अमेरिकी प्रारंभिक चेतावनी रडार प्रणाली को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, एक अन्य हमले में एयर बेस के उस गोदाम को भी निशाना बनाया गया, जहां विमानन उपकरण, स्पेयर पार्ट्स और ड्रोन हैंगर मौजूद थे। आईआरजीसी का दावा है कि इस हमले में कई ड्रोन भी नष्ट हो गए।
आईआरजीसी ने कुवैत के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने देश की भूमि का उपयोग ऐसी सैन्य गतिविधियों के लिए न होने दें, जिनके कारण ईरान, इराक, अफगानिस्तान और फिलिस्तीन में मुसलमानों की जान जा रही है।
बयान में कहा गया, "कुवैत की भूमि किसी ऐसी सेना के लिए सुरक्षित ठिकाना नहीं बननी चाहिए, जिसने पिछले कई दशकों में कम से कम 10 मुस्लिम देशों पर हमला किया और लाखों मुसलमानों की जान ली है।" आईआरजीसी ने यह भी कहा कि विभिन्न इस्लामी विचारधाराओं के धार्मिक विद्वानों के अनुसार अमेरिकी सेना को आक्रामक शक्ति माना जाता है।
कुवैत की जनता को संबोधित करते हुए आईआरजीसी ने कहा कि वे अपने धार्मिक कर्तव्य का पालन करें और इस्लामी देशों की गरिमा की रक्षा करें। साथ ही, अपने देश की भूमि का इस्तेमाल मुसलमानों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए न होने दें।
इससे पहले रविवार को आईआरजीसी ने दावा किया था कि उसने ईरान के अहवाज क्षेत्र में अमेरिका के एमक्यू-9 ड्रोन को मार गिराया है।
ईरान की तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स की उन्नत वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान के एकीकृत वायु रक्षा नेटवर्क के तहत इस ड्रोन को निशाना बनाया। यह कार्रवाई पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के खिलाफ ईरान की जवाबी कार्रवाइयों के बीच हुई।
इस बीच, ईरान के केंद्रीय खातम अल-अनबिया मुख्यालय के कमांडर मेजर जनरल अली अब्दोल्लाही ने चेतावनी दी है कि अमेरिका की किसी भी आक्रामक कार्रवाई का ईरानी सशस्त्र बल विनाशकारी जवाब देंगे।
आईआरएनए के अनुसार, अब्दोल्लाही ने कहा कि लालच, दबाव, विस्तारवाद या किसी भी प्रकार की आक्रामकता का ईरान निर्णायक और कठोर जवाब देगा, जिसकी कीमत "दूसरे और तीसरे थोपे गए युद्धों से भी अधिक" होगी।
उन्होंने कहा कि ईरान की मजबूत रक्षा क्षमता देश की सुरक्षा की गारंटी है और यही शक्ति सरकार को जनता के कल्याण के लिए काम करने का आधार प्रदान करती है।
अब्दोल्लाही ने आरोप लगाया कि लगातार सैन्य विफलताओं के बाद अमेरिका अब ईरानी जनता और सरकार के बीच फूट डालने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक एकजुटता ही इस "शैतानी साजिश" को विफल करने की सबसे बड़ी ताकत है।
With inputs from IANS