
व्हाइट हाउस ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सऊदी अरब के साथ प्रस्तावित नागरिक परमाणु समझौते के बदले उससे इस्राइल के साथ संबंध सामान्य करने और 'अब्राहम अकॉर्ड्स' (Abraham Accords) में शामिल होने की उम्मीद रखते हैं।
व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने कहा कि ट्रंप ने पिछले कई सालों से सऊदी नेताओं को अपनी इस उम्मीद और समय-सीमा के बारे में स्पष्ट बता दिया है। मिलर के अनुसार, ट्रंप सऊदी अरब के नेतृत्व और उसकी रणनीतिक दिशा को किसी भी अन्य अमेरिकी नेता से बेहतर समझते हैं।
मिलर ने 2017 के रियाद भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि ट्रंप ने सऊदी अरब को क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत स्तंभ और स्थिरता का केंद्र बनाने में मदद की है। इसी बातचीत के दौरान मिलर ने निकारागुआ में निष्पक्ष चुनाव खत्म करने के फैसले के लिए वहां की सरकार की आलोचना की।
साथ ही उन्होंने लैटिन अमेरिका में 'शील्ड ऑफ द अमेरिका' रणनीति के तहत आ रहे भू-राजनीतिक बदलावों का भी जिक्र किया। सऊदी अरब और इस्राइल के बीच यह संभावित समझौता मिडिल ईस्ट की कूटनीति के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है।
With inputs from IANS