ईरान के खिलाफ अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी जारी, 12 व्यावसायिक जहाजों का रास्ता बदला; दो पर चढ़कर की जांचBy Admin Sun, 26 July 2026 10:52 AM

वॉशिंगटन: अमेरिका की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा है कि ईरान के खिलाफ उसकी नौसैनिक नाकेबंदी पूरी तरह लागू है। अमेरिकी बलों ने अब तक 12 व्यावसायिक जहाजों का रास्ता बदलवाया है, दो जहाजों पर चढ़कर उनकी जांच की है और नाकेबंदी का उल्लंघन करने के आरोप में एक टैंकर को निष्क्रिय (डिसेबल) भी किया है।

सेंटकॉम ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी बयान में कहा कि 25 जुलाई तक अमेरिकी बलों ने नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे 12 व्यावसायिक जहाजों को वापस मोड़ दिया। इसके अलावा, निर्देशों का पालन नहीं करने वाले दो जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की गई और दो अन्य जहाजों पर चढ़कर उनकी जांच की गई, ताकि नाकेबंदी का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा सके।

सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी बलों ने अरब सागर में कोमोरोस के ध्वज वाले तेल टैंकर एम/टी चारमिनार पर सत्यापन के लिए तलाशी अभियान चलाया। जांच पूरी होने के बाद जहाज को अपनी आगे की यात्रा जारी रखने की अनुमति दे दी गई।

एक अन्य कार्रवाई में अमेरिकी सेना ने 24 जुलाई को ओमान की खाड़ी में मोजाम्बिक के ध्वज वाले तेल टैंकर एम/टी लाविन को निष्क्रिय कर दिया। सेंटकॉम का दावा है कि जहाज के चालक दल ने कई बार नाकेबंदी तोड़ने का प्रयास किया और बार-बार दी गई चेतावनियों की अनदेखी की। कार्रवाई के बाद यह जहाज अब ईरान की ओर नहीं बढ़ रहा है।

सेंटकॉम ने कहा कि क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य बल पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी आवश्यक कार्रवाई के लिए तैयार हैं।

इससे पहले 24 जुलाई को जारी एक अन्य अपडेट में सेंटकॉम ने बताया था कि ईरान के खिलाफ लगातार 13वीं रात भी सैन्य हमले किए गए। इन हमलों में ईरानी सैन्य कमांड सेंटर, ड्रोन भंडारण केंद्र, संचार नेटवर्क, तटीय निगरानी ठिकानों और समुद्री क्षमताओं को निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि इन अभियानों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले नागरिक और व्यावसायिक जहाजों के लिए कथित खतरों को कम करना है।

सेंटकॉम ने यह भी दावा किया कि हालिया हमलों के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य व्यावसायिक जहाजों के आवागमन के लिए खुला है और अमेरिकी सैन्य सहायता के साथ जहाजों की आवाजाही जारी है। उसके अनुसार, फिलहाल मध्य पूर्व में 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक विभिन्न अभियानों में तैनात हैं।

 

With inputs from IANS