

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के प्रशासन की नई जन कूटनीति (पब्लिक डिप्लोमेसी) रणनीति में भारत को महत्वपूर्ण स्थान मिला है। अमेरिका अब एशिया पर अपना ध्यान बढ़ाने के साथ-साथ विदेशी देशों तक अपनी बात पहुंचाने के तरीकों में भी बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है।
अमेरिकी वैश्विक मीडिया एजेंसी (USAGM) की प्रमुख पद के लिए नामित सारा रोजर्स ने सीनेट की विदेश संबंध समिति के समक्ष कहा कि चीन और अन्य अधिनायकवादी देशों के बढ़ते सूचना अभियानों का मुकाबला करने के लिए एशिया एजेंसी की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल होगा।
रोजर्स ने कहा, "एशिया हमारे लिए सबसे बड़ा फोकस है।" उन्होंने बताया कि उनकी जन कूटनीति रणनीति में उन देशों पर विशेष ध्यान दिया गया है, जहां सोशल मीडिया जनमत निर्माण में अहम भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा, "मैंने जापान और भारत से जुड़े कई पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए हैं, क्योंकि ये ऐसे देश हैं जहां इसका व्यापक उपयोग होता है।"

रोजर्स के मुताबिक, यदि उनकी नियुक्ति को मंजूरी मिलती है तो USAGM पारंपरिक रेडियो और टेलीविजन प्रसारण के साथ-साथ शॉर्ट वीडियो, पॉडकास्ट, प्रवासी समुदायों के ग्रुप चैट और अन्य आधुनिक डिजिटल माध्यमों पर भी ज्यादा जोर देगा, ताकि बदलती मीडिया आदतों के अनुरूप लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचा जा सके।
उन्होंने कहा कि एजेंसी का ध्यान विशेष रूप से उन देशों पर रहेगा, जहां स्वतंत्र और निष्पक्ष जानकारी तक लोगों की पहुंच सीमित है। इनमें एशिया, मध्य पूर्व, ईरान, अफगानिस्तान और क्यूबा जैसे क्षेत्र प्रमुख रणनीतिक प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
रोजर्स ने यह भी कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता एजेंसी को स्थिर करना, नेतृत्व को मजबूत बनाना, कामकाज का आधुनिकीकरण करना और शोध क्षमता को फिर से विकसित करना होगा, ताकि यह सही तरीके से आकलन किया जा सके कि एजेंसी की पहुंच और दर्शक संख्या कितनी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका चीन के साथ केवल व्यापार, तकनीक और रक्षा के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि सूचना और संचार के मोर्चे पर भी अपनी रणनीतिक प्रतिस्पर्धा को तेज कर रहा है।
With inputs from IANS