ईरान का सख्त संदेश: हर दुश्मन की धमकी को मानते हैं गंभीर, होरमुज़ जलडमरूमध्य खोलने की खबरों का किया खंडनBy Admin Sun, 02 August 2026 09:04 PM

तेहरान: ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री सैयद माजिद एब्न अल-रेज़ा ने कहा है कि तेहरान किसी भी "दुश्मन" की धमकी को केवल मनोवैज्ञानिक दबाव नहीं मानता, बल्कि उसे पूरी गंभीरता से लेते हुए अपनी सैन्य तैयारियों और प्रतिरोधक क्षमता को लगातार मजबूत करता है।

उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि, "हम न तो चौंकेंगे और न ही निष्क्रिय रहेंगे। हर खतरे को हम अपनी तैयारी बढ़ाने, प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने और सैन्य शक्ति विकसित करने का आधार मानते हैं।"

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर दावा किया कि अमेरिका ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान के लिए पूरी तरह तैयार था, लेकिन ईरान और कुछ पश्चिम एशियाई देशों के अनुरोध पर उसने फिलहाल कार्रवाई रोक दी।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि जल्द होने वाले एक संभावित समझौते के तहत होरमुज़ जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोल दिया जाएगा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े खतरे का समाधान निकाला जाएगा।

हालांकि, ईरान ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। इजरायली चैनल 12 की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कतर और अमेरिका की मध्यस्थता में एक समझौते पर सहमति जताई है, जिसके तहत जहाज ईरानी नियंत्रण वाले मार्ग से खाड़ी में प्रवेश कर ओमान के जलक्षेत्र से बाहर निकल सकेंगे।

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लेकिन ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी Fars ने वार्ता से जुड़े एक सूत्र के हवाले से इस खबर को पूरी तरह गलत बताया। एजेंसी ने एक सैन्य अधिकारी के हवाले से कहा कि जब तक अमेरिका की "शत्रुतापूर्ण और दुर्भावनापूर्ण गतिविधियां" जारी रहेंगी, तब तक होरमुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान की मौजूदा नीति में कोई बदलाव नहीं होगा।

सूत्र के अनुसार, जहाजों को केवल ईरान द्वारा निर्धारित मार्गों से और Islamic Revolutionary Guard Corps (आईआरजीसी) की नौसेना की अनुमति और समन्वय के साथ ही आवाजाही की अनुमति दी जाएगी। साथ ही चेतावनी दी गई कि अन्य समुद्री मार्ग सुरक्षित नहीं हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिकी मीडिया में ऐसी खबरें आई थीं कि अमेरिका और इजरायल सप्ताहांत के दौरान ईरान के ऊर्जा ढांचे पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

 

With inputs from IANS