





इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि बाग जिले में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने निहत्थे नागरिकों पर सीधी गोलीबारी की और आंसू गैस के गोले दागे।
जेएएसी ने यह भी आरोप लगाया कि मुजफ्फराबाद जिले के मकरी क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने आम नागरिकों की मोटरसाइकिलों में आग लगा दी। संगठन ने इन घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया मंच X पर साझा करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
रिपोर्टों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में पीओके में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
जेएएसी ने संयुक्त राष्ट्र (UN), संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR), अंतरराष्ट्रीय मीडिया और मानवाधिकार संगठनों से अपील की है कि वे पीओके के बिगड़ते हालात पर नजर रखें, घटनाओं की स्वतंत्र जांच सुनिश्चित कराएं और बल प्रयोग के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय कराएं।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी पाकिस्तानी अधिकारियों से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सुरक्षा बलों द्वारा बल प्रयोग की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा कि रावलाकोट से सामने आ रही रिपोर्टें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा कथित रूप से अपनाए जा रहे "गैरकानूनी बल प्रयोग" के लंबे पैटर्न को दर्शाती हैं। संगठन ने यह भी कहा कि इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं पर जारी प्रतिबंधों के कारण जमीनी स्थिति का स्वतंत्र सत्यापन प्रभावित हो रहा है।
पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
With inputs from IANS
