




यमन के हूती समूह ने रविवार को दावा किया कि उसने सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिमी शहर जिजान स्थित सऊदी अरामको की रिफाइनरी को ड्रोन से निशाना बनाया है। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव के बीच यह दावा सामने आया है।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि ड्रोन ने रिफाइनरी को निशाना बनाया और इसे उन्होंने एक "सटीक" हमला बताया।
सरी के अनुसार, यह कार्रवाई सऊदी अरब की ओर से उत्तरी यमन के हूती-नियंत्रित सादा और हज्जाह प्रांतों के हवाई क्षेत्र में कथित ड्रोन घुसपैठ के जवाब में की गई। दोनों प्रांत सऊदी सीमा के पास स्थित हैं।


हालांकि, हूती समूह ने अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया और न ही हमले से हुए संभावित नुकसान या किसी के हताहत होने की जानकारी दी।
इस बीच, सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि सऊदी अरामको की जिजान रिफाइनरी की एक सुविधा में लगी आग पर औद्योगिक सुरक्षा और अग्निशमन दल ने काबू पा लिया है। मंत्रालय के मुताबिक, घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
मंत्रालय ने एक्स पर बताया कि आग दिन की शुरुआत में लगी थी और संबंधित अधिकारी घटना से निपटने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर रहे हैं। हालांकि, आग लगने के कारण का तत्काल खुलासा नहीं किया गया।
हूती समूह का यह ताजा दावा दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया है।
20 जुलाई को हूतियों ने लाल सागर में सऊदी अरब से जुड़े जहाजों के लिए समुद्री प्रतिबंध की घोषणा की थी। समूह ने इसके लिए हूती-नियंत्रित क्षेत्रों की कथित सऊदी नाकाबंदी को जिम्मेदार ठहराया था।
हूतियों ने इससे पहले सऊदी अरब से जुड़े कई जहाजों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और हवाई अड्डों पर हमले करने का दावा भी किया है। वहीं, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में हूती सैन्य ठिकानों पर सीमित हवाई हमले फिर से शुरू किए हैं।
यमन में 2014 के अंत से संघर्ष जारी है। उस समय हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना समेत उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण कर लिया था। इसके बाद यमनी सरकार के समर्थन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने 2015 में सैन्य हस्तक्षेप किया था।
With inputs from IANS

