भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी की बांग्लादेश PM तारिक रहमान से मुलाकात, द्विपक्षीय संबंध और सुरक्षा सहयोग पर चर्चाBy Admin Mon, 10 August 2026 05:21 PM

बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने सोमवार को प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने और आपसी सहयोग मजबूत करने पर चर्चा की। मुलाकात के बाद त्रिवेदी ने इसे सार्थक बताते हुए कहा कि भारत और बांग्लादेश सिर्फ एक-दूसरे के पड़ोसी नहीं हैं, बल्कि दोनों देश “सपने भी साझा करते हैं।”

त्रिवेदी ने सोमवार को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान और गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। दोनों बैठकों में आपसी हित से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ भारत-बांग्लादेश साझेदारी को विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के तरीकों पर विचार-विमर्श हुआ।

भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि उच्चायुक्त ने बांग्लादेश सरकार और वहां के लोगों के साथ “सकारात्मक, रचनात्मक और भविष्य की ओर देखने वाले” तरीके से काम करने की भारत की इच्छा जताई।

उच्चायोग के मुताबिक, बैठक में दोनों पक्षों ने साझा हित के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और लोगों को केंद्र में रखते हुए द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के रास्तों पर चर्चा की।

मोदी और तारिक रहमान की मुलाकात की उम्मीद

प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तारिक रहमान के बीच बैठक को लेकर सकारात्मक है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं की मुलाकात से दोनों देशों के बीच मौजूद विभिन्न मुद्दों पर बातचीत का रास्ता खुल सकता है।

बांग्लादेशी मीडिया संस्था UNB के अनुसार, त्रिवेदी ने कहा कि भारत की ओर से प्रधानमंत्री तारिक रहमान को निमंत्रण पहले से मौजूद है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देशों के बीच मतभेद या मुद्दे होना स्वाभाविक है, लेकिन दोनों देशों के लोगों की प्राथमिकता अच्छे संबंध हैं।

उन्होंने कहा, “अगर दोनों नेताओं की मुलाकात होती है तो बातचीत होगी। लोकतंत्र में मुद्दे होंगे। अगर कोई मुद्दा ही न हो तो वह लोकतंत्र नहीं है। लेकिन लोगों का एक साझा मुद्दा है और वह है अच्छे संबंध। अच्छे संबंध दोनों देशों के लिए जीत की स्थिति हैं।”

BRICS सम्मेलन को लेकर सवाल पर नहीं दिया जवाब

जब उच्चायुक्त से पूछा गया कि क्या बांग्लादेश के प्रधानमंत्री अगले महीने नई दिल्ली में होने वाले BRICS सम्मेलन के आउटरीच सत्र में हिस्सा लेंगे, तो उन्होंने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

भारत ने पिछले सप्ताह कहा था कि सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में शामिल होने के लिए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया गया है। उन्हें BIMSTEC के मौजूदा अध्यक्ष के तौर पर यह निमंत्रण दिया गया है।

‘यह सिर्फ राजनयिक मुलाकात नहीं थी’

दिनेश त्रिवेदी ने तारिक रहमान के साथ अपनी बैठक को सामान्य राजनयिक मुलाकात से अलग बताया। उन्होंने कहा कि यह बैठक दो जनप्रतिनिधियों के बीच बातचीत की तरह थी।

उन्होंने कहा, “मैं खुद को राजनयिक नहीं मानता। यह जनप्रतिनिधि से जनप्रतिनिधि की तरह बातचीत थी। मुझे बहुत खुशी हुई कि हम मिले। मुझे ऐसा नहीं लगा कि मैं उनसे पहली बार मिला हूं। वह बहुत सहज और जमीन से जुड़े हुए हैं। बातचीत का केंद्र लोगों से लोगों के बीच संबंध थे।”

उन्होंने यह भरोसा भी जताया कि भारत और बांग्लादेश के बीच मौजूद सभी मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता है।

गृह मंत्री से भी मिले, सुरक्षा सहयोग पर हुई चर्चा

प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात के बाद भारतीय उच्चायुक्त ने बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद से भी मुलाकात की। इस बैठक में द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ सुरक्षा सहयोग समेत कई साझा हितों के मुद्दों पर चर्चा हुई।

भारतीय उच्चायोग ने X पर बैठक की जानकारी साझा करते हुए कहा कि दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। बातचीत में सुरक्षा सहयोग समेत साझा हित के कई क्षेत्र शामिल रहे।

उच्चायुक्त ने भारत की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को केंद्र में रखकर सहयोग बढ़ाने की इच्छा भी जाहिर की। उच्चायोग के मुताबिक, यह सहयोग आपसी हित, पारस्परिक लाभ और दोनों देशों की संवेदनशीलताओं को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

भारत और बांग्लादेश के लिए अहम है रिश्तों में स्थिरता

भारत और बांग्लादेश के बीच लंबी सीमा और ऐतिहासिक, सांस्कृतिक तथा आर्थिक संबंध हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच बेहतर राजनीतिक संवाद के साथ सीमा सुरक्षा, व्यापार, संपर्क, ऊर्जा और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग का सीधा असर दोनों देशों के हितों पर पड़ता है।

दिनेश त्रिवेदी की दोनों बैठकों को इसी व्यापक संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर सुरक्षा सहयोग और शीर्ष नेतृत्व के बीच संभावित बातचीत की संभावना को देखते हुए आने वाले दिनों में भारत-बांग्लादेश संबंधों पर नजर रहेगी।

 

With inputs from IANS