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नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद करीब 300 भारतीय नागरिकों के लापता होने की खबर है। इनमें बड़ी संख्या कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्रियों की बताई जा रही है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने यह जानकारी दी है।
काठमांडू में आयोजित NDTV World Anviksha Summit के दौरान खनाल ने बताया कि रासुवा क्षेत्र में आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद करीब 500 विदेशी नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। नेपाली प्रशासन प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान चलाने के साथ-साथ लापता लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रहा है।
विदेश मंत्री ने कहा कि शुरुआती तौर पर इस आपदा में 160 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई थी और हजारों लोग लापता बताए गए थे। हालांकि, आधिकारिक मृतक संख्या अब बढ़कर 177 हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन अभी भी आपदा से हुए नुकसान की पूरी तस्वीर जुटाने में लगा है।
खनाल ने कहा, “शहर दर शहर कुछ ही घंटों में तबाह हो गए। हजारों परिवारों ने अपने घर खो दिए हैं और कई लोग अभी लापता हैं। हम अब भी इस आपदा के वास्तविक प्रभाव का आकलन करने की कोशिश कर रहे हैं।”
भारतीय नागरिकों के लापता होने के संबंध में उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र से होकर विदेशी नागरिक कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि करीब 300 भारतीयों के लापता होने की सूचना मिली है और सरकार उनसे संपर्क स्थापित करने का प्रयास कर रही है।
नेपाल सरकार ने लापता विदेशी नागरिकों की जानकारी जुटाने के लिए संबंधित देशों के दूतावासों के साथ संपर्क बनाए रखा है। बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों तक पहुंचने और जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने में जुटे हैं।
नेपाल के विदेश मंत्री ने इस आपदा को हाल के वर्षों में देश में आई सबसे गंभीर प्राकृतिक आपदाओं में से एक बताया। उन्होंने संकट की घड़ी में भारत की ओर से तत्काल राहत सहायता भेजे जाने के लिए आभार जताया।
खनाल ने कहा कि फिलहाल सरकार की प्राथमिकता लोगों को बचाने और प्रभावित परिवारों तक तत्काल राहत पहुंचाने की है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों से नेपाल के लिए मदद और समर्थन मिल रहा है और भारत सरकार ने भी राहत सामग्री भेजी है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से नेपाल के साथ खड़े रहने की अपील करते हुए कहा कि देश के पुनर्निर्माण में पर्यटन की अहम भूमिका होगी। उन्होंने पर्यटकों से नेपाल की यात्रा जारी रखने की भी अपील की, ताकि आपदा से प्रभावित अर्थव्यवस्था को दोबारा मजबूत करने में मदद मिल सके।
खनाल ने कहा कि नेपाल का अधिकांश हिस्सा बाढ़ से प्रभावित नहीं हुआ है और कई प्रमुख पर्यटन स्थल अब भी पर्यटकों के लिए खुले हैं। उन्होंने विशेष रूप से पोखरा और माउंट एवरेस्ट क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि ये इलाके पर्यटकों के लिए सुरक्षित और खुले हैं।
उन्होंने कहा, “दुनिया का नेपाल से जुड़ा रहना और हमारे पुनर्निर्माण में मदद करना जरूरी है। पर्यटन हमारी अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
नेपाल पहले भी बड़े प्राकृतिक संकटों के बाद मजबूती से उभरा है। खनाल ने 2015 के विनाशकारी भूकंप का उदाहरण देते हुए कहा कि देश उस त्रासदी के बाद भी दोबारा खड़ा हुआ था और मौजूदा आपदा के बाद भी नेपाल खुद को फिर से मजबूत करेगा।
