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पश्चिमी यमन में सरकारी बलों और हूती लड़ाकों के बीच भीषण संघर्ष में गुरुवार से अब तक कम से कम 90 लोगों की मौत हो गई है। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, मारे गए लोगों में 40 सरकारी सैनिक और करीब 50 हूती लड़ाके शामिल हैं।
हुदैदाह प्रांत के लाल सागर तट पर शुक्रवार सुबह हूतियों द्वारा बड़े पैमाने पर हमला शुरू किए जाने के बाद लड़ाई और तेज हो गई। एक चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि यहां संघर्ष में कम से कम 14 सरकारी सैनिक मारे गए हैं।
पड़ोसी तैज प्रांत में भी गुरुवार से जारी लड़ाई में 26 सरकारी सैनिकों के मारे जाने की सूचना है। वहीं, हूती-नियंत्रित इलाकों के चिकित्सा सूत्रों के मुताबिक हुदैदाह के अस्पतालों में हुदैदाह और तैज मोर्चों पर मारे गए कम से कम 50 हूती लड़ाकों के शव पहुंचाए गए हैं।
दोनों पक्षों ने बढ़ाई सैन्य तैनाती
सैन्य सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को दोनों पक्षों ने पश्चिमी मोर्चों पर अतिरिक्त सैनिकों, बख्तरबंद वाहनों और सैन्य उपकरणों की तैनाती बढ़ा दी। इससे संघर्ष और व्यापक होने की आशंका बढ़ गई है।
हालिया हिंसा को पश्चिमी यमन में पिछले कई वर्षों की सबसे भीषण जमीनी लड़ाइयों में से एक माना जा रहा है। इससे देश के कई मोर्चों पर लंबे समय से बनी अपेक्षाकृत शांति के बाद बड़े पैमाने पर फिर से युद्ध शुरू होने की आशंका पैदा हो गई है।
लाल सागर के पास तनाव बढ़ा
इस सप्ताह की शुरुआत में यमनी सरकारी बलों ने दावा किया था कि उन्होंने विस्फोटकों से लदी हूती समूह की चार नौकाओं को रोका है। ये नौकाएं लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों के पास सरकार के नियंत्रण वाले द्वीपों की ओर बढ़ रही थीं।
सरकारी समाचार एजेंसी सबा ने एक सैन्य सूत्र के हवाले से बताया कि नौकाएं रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हनीश द्वीप समूह और जुकर द्वीप की ओर बढ़ रही थीं, जिन्हें सरकारी नौसैनिक बलों ने रोक लिया।
सैन्य सूत्र के अनुसार, रविवार और सोमवार को अलग-अलग समय पर हूती नौकाओं की अन्य गतिविधियां भी देखी गई थीं। ये द्वीप दक्षिणी लाल सागर में महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर नजर रखने वाली रणनीतिक स्थिति में हैं।
कई मोर्चों पर बढ़ी झड़पें
पिछले कुछ सप्ताह में सरकारी बलों और हूतियों के बीच कई मोर्चों पर संघर्ष तेज हुआ है। सरकारी बलों ने हूती ठिकानों पर ड्रोन और तोपखाने से हमले बढ़ाए हैं, जबकि हूती समूह ने मारिब और पश्चिमी लाल सागर तट के सरकारी नियंत्रण वाले इलाकों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।
पश्चिमी यमन में मौजूदा सैन्य escalation ने क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष के फिर व्यापक रूप लेने की चिंता बढ़ा दी है।