
Photo: IANS
नेपाल में भोतेकोशी और त्रिशूली नदी गलियारों में विनाशकारी बाढ़ आने के 11 दिन बाद शनिवार को अलग-अलग बाढ़ प्रभावित इलाकों से एक नेपाली महिला और एक चीनी नागरिक को जिंदा बचाया गया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह जानकारी दी।
नुवाकोट जिले के बाढ़ प्रभावित बेत्रावती बाजार में 64 वर्षीय चंद्रिका श्रेष्ठ को आनंद श्रेष्ठ के घर से सुरक्षित बाहर निकाला गया। विदुर नगरपालिका-10 की निवासी चंद्रिका को सशस्त्र पुलिस बल की टीम ने बचाया। टीम का नेतृत्व निरीक्षक सुमन बिक कर रहे थे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, महिला बेहोशी की हालत में मिली थीं।
बचाव के बाद उन्हें हेलीकॉप्टर से नुवाकोट के त्रिशूली स्थित नेपाली सेना की मैथिली बैरक ले जाया गया, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। जरूरत पड़ने पर उन्हें आगे के इलाज के लिए काठमांडू ले जाया जाएगा।
इसी बीच, रसुवा जिले में बाढ़ से प्रभावित 216 मेगावाट की अपर त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना की सुरंग से एक चीनी नागरिक को भी जिंदा बचाया गया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि नेपाली सेना ने दक्षिण कोरिया की आपदा विशेषज्ञ टीम के समन्वय से परियोजना की सुरंग के ऑडिट-4 हिस्से से उसे बाहर निकाला।
बचाए गए चीनी नागरिक को आगे की चिकित्सकीय जांच और उपचार के लिए नुवाकोट के त्रिशूली स्थित मैथिली बैरक ले जाया गया।
यह बचाव अभियान उन लोगों को खोजने और बाहर निकालने के लिए तेज किए गए प्रयासों का हिस्सा है, जिनके जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों के भीतर फंसे होने की आशंका है। पिछले सप्ताह भोतेकोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों में आई भीषण बाढ़ से इन इलाकों में कई जलविद्युत परियोजनाओं और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा था।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले कई कर्मचारी अब भी संपर्क से बाहर हैं। नेपाल में निजी क्षेत्र की बिजली परियोजना विकासकर्ताओं के संगठन इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन, नेपाल (आईपीपीएएन) के अनुसार, रसुवा और नुवाकोट जिलों की 11 बाढ़ प्रभावित जलविद्युत परियोजनाओं में कुल 936 लोग अब भी संपर्क से बाहर हैं।
आईपीपीएएन ने शुक्रवार शाम बताया कि इनमें सबसे अधिक 551 लोग निर्माणाधीन अपर त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना से हैं।
शुक्रवार को भी नेपाली सेना ने नुवाकोट जिले की 60 मेगावाट क्षमता वाली अपर त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे दो नेपाली नागरिकों को जिंदा बचाया था।
नेपाली सेना कई जलविद्युत परियोजनाओं की भूमिगत संरचनाओं में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए भारत, चीन और दक्षिण कोरिया के विशेषज्ञों समेत विदेशी तकनीकी टीमों के साथ समन्वय कर खोज और बचाव अभियान चला रही है।