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यमन के पश्चिमी प्रांत ताइज़ और होदेइदाह में सरकारी बलों और हूती लड़ाकों के बीच पिछले चार दिनों से जारी भीषण संघर्ष में कम से कम 117 लोगों की मौत हो गई है। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में 54 सरकारी सैनिक और 63 हूती लड़ाके शामिल हैं। बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं।
चीन की समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, गुरुवार से शुरू हुई लड़ाई में सरकारी बलों के 54 सैनिक मारे गए। वहीं, हूती नियंत्रण वाले अस्पतालों के दो चिकित्सा सूत्रों ने 63 हूती सदस्यों के मारे जाने की जानकारी दी।
रणनीतिक बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य के पास हूती बलों के बड़े हमले के जवाब में यमनी सरकारी विमानों ने शुक्रवार को होदेइदाह और ताइज़ प्रांतों में हूती ठिकानों पर हवाई हमले किए। इन इलाकों में कई मोर्चों पर जमीनी लड़ाई भी तेज रही।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, हूती लड़ाकों ने पिछले 24 घंटों में कुछ इलाकों में तेजी से बढ़त हासिल की थी। इसके बाद सरकारी बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पश्चिमी ताइज़ में कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर फिर से कब्जा कर लिया।
हालिया संघर्ष को पश्चिमी यमन में पिछले कुछ वर्षों की सबसे भीषण जमीनी लड़ाइयों में से एक माना जा रहा है। इससे आशंका बढ़ गई है कि देश में लंबे समय से अपेक्षाकृत शांत रहे कई मोर्चों पर फिर बड़े पैमाने पर हिंसा शुरू हो सकती है।
यमन में 2014 के अंत से गृहयुद्ध जारी है। उस समय हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना समेत देश के बड़े उत्तरी हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया था।