ईरान पर फिर हमला कर सकता है अमेरिका? ट्रंप ने कहा- ‘यह संभव है’By IANS Mon, 28 September 2026 12:27 PM

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य कार्रवाई की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान पर दोबारा हमले की संभावना के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि यह संभव है, हालांकि उन्होंने इस बारे में स्पष्ट रूप से कुछ कहने से परहेज किया।

फॉक्स न्यूज से बातचीत में जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान पर अमेरिकी हमले दोबारा शुरू हो सकते हैं, तो उन्होंने कहा, “मैं ऐसा नहीं कहना चाहता। मेरा मतलब है, यह संभव है, लेकिन मैं बस ऐसा नहीं कहना चाहता।”

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की रणनीति के जरिए दबाव बना रहा है। उन्होंने दावा किया कि सैन्य मोर्चे पर अमेरिका पहले ही बढ़त हासिल कर चुका है और ईरान की अर्थव्यवस्था तथा सैन्य क्षमता पर गंभीर असर पड़ा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने साथ ही उम्मीद जताई कि युद्ध जल्द खत्म हो जाएगा और इसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आएगी। उन्होंने कहा कि जैसे ही संघर्ष खत्म होगा, तेल की कीमतें युद्ध से पहले के स्तर के करीब लौट सकती हैं। ट्रंप ने यह भी दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

ट्रंप ने रविवार को पीजीए टूर प्रेसिडेंट्स कप के दौरान भी कहा कि युद्ध जल्द समाप्त होने पर तेल की कीमतों में भारी गिरावट आ सकती है। इससे पहले व्हाइट हाउस से रवाना होते समय उन्होंने कहा था कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त होते ही तेल की कीमत “बहुत तेजी से” नीचे आ सकती है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी नजर

ट्रंप ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पिछली रात इस मार्ग से रिकॉर्ड मात्रा में तेल निकाला गया। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) आपूर्ति के लिए अहम मार्ग है और यहां लंबे समय तक व्यवधान से तेल की कीमतों के साथ-साथ माल ढुलाई और बीमा लागत पर भी असर पड़ सकता है।

हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक प्रयास पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। ट्रंप ने कहा कि आने वाले सप्ताह में दोनों पक्षों के बीच और बातचीत हो सकती है, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि ईरान का हालिया प्रस्ताव अमेरिका की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है। अमेरिका ने ईरान के उस प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया है जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने और परमाणु वार्ता आगे बढ़ाने की बात शामिल थी।

ट्रंप ने यह भी कहा कि वह ईरान पर हमले फिर शुरू करने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। उनके ताजा बयान में मध्यावधि चुनाव से पहले सैन्य कार्रवाई की संभावना को खुला रखा गया है।

ईरान ने कहा- बातचीत के लिए तैयार, हमले की स्थिति में जवाब देंगे

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि तेहरान बातचीत में शामिल है और अपने परमाणु कार्यक्रम पर कुछ सीमाओं को लेकर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय परमाणु निरीक्षकों को पहुंच देने पर बातचीत की संभावना भी जताई, लेकिन साथ ही कहा कि ईरान चाहता है कि अमेरिका सरकार बदलने की कोशिश न करने की गारंटी दे।

पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अगर उस पर हमला किया जाता है तो वह अपनी रक्षा करेगा।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इससे भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उनका देश फिर से युद्ध शुरू होने की स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है, हालांकि कूटनीति का रास्ता भी खुला है। उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष समाप्त करने के लिए मध्यस्थों के जरिए बातचीत जारी है।

इस बीच, तेल बाजार पर भी घटनाक्रम का असर दिखाई दे रहा है। रॉयटर्स के अनुसार, ट्रंप द्वारा ईरान के प्रस्ताव को खारिज किए जाने के बाद सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 3 प्रतिशत से अधिक बढ़ी, जिससे संकेत मिलता है कि होर्मुज और अमेरिकी-ईरान वार्ता से जुड़ी अनिश्चितता ऊर्जा बाजार के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई है।