अफगानिस्तान के दो प्रांतों में पाकिस्तानी हमले, तालिबान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनीBy IANS Thu, 01 October 2026 04:17 PM

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पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के नागरिक इलाकों पर किए गए हवाई हमलों में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य घायल हो गए। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने गुरुवार को यह जानकारी देते हुए पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की।

मुजाहिद के मुताबिक, पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने बुधवार रात अफगानिस्तान के कुनार और हेलमंद प्रांतों में नागरिकों के घरों को निशाना बनाया। कुनार प्रांत के शुल्तान जिले के चुगाम इलाके और हेलमंद प्रांत के गरमसेर जिले के सफर इलाके में हुए इन हमलों में तीन मकान पूरी तरह नष्ट हो गए।

मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि इन हमलों में नौ अफगान नागरिकों की जान गई और 11 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने इसे अफगानिस्तान की संप्रभुता पर हमला बताते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार किए गए सिद्धांतों का उल्लंघन करार दिया।

अफगानिस्तान में पाकिस्तान की ओर से हाल के दिनों में किए जा रहे हवाई हमलों की यह ताजा घटना है। इससे पहले 24 सितंबर को कंधार, पक्तिया और खोस्त प्रांतों में पाकिस्तानी हमलों में चार नागरिकों की मौत हुई थी। वहीं, उससे तीन दिन पहले कुनार और पक्तिका में हुए हमलों में तीन लोगों की जान गई थी।

लगातार हो रहे हमलों के बीच तालिबान ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पिछले सप्ताह कंधार के एक धार्मिक मदरसे में दिए गए संबोधन में मुजाहिद ने दावा किया था कि पाकिस्तान अपने आंतरिक राजनीतिक और आर्थिक संकट से लोगों का ध्यान हटाने के लिए अफगानिस्तान पर हमले कर रहा है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मुजाहिद ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और अन्य घरेलू चुनौतियों के बीच इस्लामाबाद अफगानिस्तान के साथ तनाव को बढ़ाकर अपनी समस्याओं से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान मक्का समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए अफगानिस्तान में सैन्य कार्रवाई कर रहा है।

गौरतलब है कि सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये ने 7 अगस्त को मक्का में एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते का उद्देश्य सामूहिक रक्षा और आक्रामकता के खिलाफ साझा प्रतिरोध को मजबूत करना है। समझौते के तहत किसी एक सदस्य देश पर सशस्त्र हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा।

मुजाहिद ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान अफगानिस्तान की सीमा का उल्लंघन कर क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा रहा है, ताकि अपनी विफलताओं से लोगों का ध्यान हटाया जा सके। उन्होंने पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई को पड़ोसी देश के खिलाफ दबाव बनाने की कोशिश बताया।

तालिबान प्रवक्ता ने यह चेतावनी भी दी कि अफगानिस्तान पाकिस्तान की ओर से की जा रही सैन्य कार्रवाई और कथित दबाव की राजनीति का उचित जवाब देगा।

हालांकि, हमलों को लेकर तालिबान की ओर से जारी किए गए इन दावों और हताहतों के आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है। दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ते सैन्य तनाव से सीमावर्ती इलाकों में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।