साइप्रस की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता कायम: रक्षा सचिव ने किया निकोसिया का दौराBy IANS Wed, 14 October 2026 06:23 PM

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भारत ने साइप्रस की संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता दोहराई है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में भारतीय रक्षा प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को साइप्रस की राजधानी निकोसिया के ऐतिहासिक केंद्र का दौरा किया और 1974 से विभाजित शहर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि तथा वहां के लोगों के अनुभवों को समझा।

इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने शाकोलाॅस टावर ऑब्जर्वेटरी का दौरा किया और लेद्रा स्ट्रीट के ऐतिहासिक क्षेत्र में भ्रमण किया। टीम ने लेद्रा स्ट्रीट स्थित क्रॉसिंग पॉइंट का भी निरीक्षण किया। साइप्रस में भारत के उच्चायुक्त मनीष भी इस दौरान प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद रहे।

साइप्रस स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी दी कि इस दौरे से प्रतिनिधिमंडल को निकोसिया की ऐतिहासिक विरासत और शहर के बीच से गुजरने वाली विभाजन रेखा को करीब से समझने का अवसर मिला। गाइड ने शहर के ऐतिहासिक घटनाक्रम और मौजूदा परिस्थितियों के बारे में जानकारी दी। उच्चायोग के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने 1974 से साइप्रस के लोगों को झेलनी पड़ रही पीड़ा और कठिनाइयों को समझा।

भारत ने साइप्रस की एकता और संप्रभुता के समर्थन को अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता बताया। उच्चायोग ने संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में भारत की भागीदारी का भी उल्लेख किया। भारत संयुक्त राष्ट्र की साइप्रस शांति सेना (यूएनएफआईसीवाईपी) की स्थापना के समय से ही इस मिशन से जुड़ा रहा है और इसमें सैन्य कमांडरों के साथ सैन्य तथा पुलिस कर्मियों का योगदान देता रहा है।

साइप्रस के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा

राजेश कुमार सिंह इन दिनों साइप्रस की आधिकारिक यात्रा पर हैं। मंगलवार को उन्होंने निकोसिया में साइप्रस के रक्षा मंत्री वासिलिस पाल्मास से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने मौजूदा रक्षा सहयोग और रक्षा उद्योग से जुड़े संबंधों को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की।

रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क निदेशालय के अनुसार, बैठक में द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। समुद्री सुरक्षा में सहयोग को दोनों देशों के बीच साझा हितों का एक प्रमुख क्षेत्र बताया गया।

रक्षा सचिव ने साइप्रस के आयुध निदेशालय के स्थायी सचिव स्टेलियोस काउंटूरिस और अन्य अधिकारियों से भी मुलाकात की। 13 अक्टूबर को हुई इस बैठक में रक्षा औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया।

भारत ने साइप्रस के साथ समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग करने की इच्छा जताई। इसमें क्षमता निर्माण, विशेषज्ञ स्तर पर विचारों का आदान-प्रदान और तकनीकी सहायता जैसे क्षेत्र शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, भारत तटीय सुरक्षा और समुद्री सहयोग के अपने अनुभव का लाभ साइप्रस के साथ साझा करने के लिए तैयार है।

द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने की पहल

राजेश कुमार सिंह की यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब भारत और साइप्रस रक्षा उद्योग तथा समुद्री सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। उच्चस्तरीय बैठकों और ऐतिहासिक स्थलों के दौरे के जरिए भारत ने साइप्रस की एकता एवं संप्रभुता के प्रति अपना समर्थन दोहराने के साथ दोनों देशों के रक्षा संबंधों को मजबूत करने की दिशा में भी प्रयास किए हैं।