ट्रंप–ग्रीनलैंड विवाद के बीच चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड, सोना ऑल-टाइम हाई के करीबBy Admin Tue, 20 January 2026 06:54 AM

मुंबई- अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापारिक तनाव के बढ़ने के बीच सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग तेज होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बना लिया। कॉमेक्स एक्सचेंज पर मंगलवार को चांदी की कीमत 94.740 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। यह तेजी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड से जुड़े टैरिफ बयानों के बाद देखने को मिली।

सोने की कीमतें भी रिकॉर्ड स्तर के आसपास कारोबार करती रहीं। एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 1.27 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,47,490 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि मार्च डिलीवरी वाली चांदी 1.75 प्रतिशत बढ़कर 3,15,720 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।

स्पॉट गोल्ड की कीमत 4,671.54 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई, जबकि पिछले सत्र में यह 4,689.39 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी।

दिन के कारोबार के दौरान शुरुआती तेज उछाल के बाद सोने-चांदी की कीमतों में हल्की नरमी देखी गई। यह तेजी ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड के मुद्दे पर विरोध कर रहे आठ यूरोपीय देशों पर शुल्क लगाने की घोषणा के बाद आई थी।

राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए बल प्रयोग की संभावना से इनकार नहीं किया और यूरोपीय देशों से अमेरिका आने वाले सामानों पर टैरिफ लगाने की धमकी पर कायम रहने की बात कही।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने टैरिफ दबाव के खिलाफ यूरोपीय संघ की एंटी-कोएर्शन व्यवस्था को सक्रिय करने की बात कही, जबकि जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने संयम बरतने की अपील की। वहीं, डेनमार्क द्वारा ग्रीनलैंड में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने के फैसले से भू-राजनीतिक अनिश्चितता और गहरा गई है।

बाजारों में यह आशंका भी बनी हुई है कि ट्रंप प्रशासन फेडरल रिजर्व के खिलाफ कदम उठा सकता है, जिससे केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। इसने भी कीमती धातुओं को समर्थन दिया है।

इसके अलावा, अमेरिका में आगे और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों ने भी बुलियन कीमतों को मजबूती दी है, जैसा कि वर्ष 2025 में भी देखने को मिला था।

कीमती धातुओं में आई इस तेजी के पीछे सुरक्षित निवेश की मांग के साथ-साथ चांदी की औद्योगिक मांग भी एक बड़ा कारण है। सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में चांदी का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि ब्रेकआउट के बाद कॉमेक्स चांदी का तकनीकी परिदृश्य मजबूत बना हुआ है और 85–88 डॉलर प्रति औंस का स्तर निकट भविष्य में सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है।

ऑगमोंट की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, मुनाफावसूली के चलते कीमतों में कुछ गिरावट आ सकती है और चांदी 84 डॉलर प्रति औंस या 2,60,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक फिसल सकती है, इसके बाद फिर से तेजी का रुख बन सकता है।

विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि तेज उछाल के कारण मुनाफावसूली संभव है, लेकिन आपूर्ति संबंधी चिंताओं और बढ़ती औद्योगिक मांग के चलते कीमती धातुओं का दीर्घकालिक परिदृश्य अब भी सकारात्मक बना हुआ है।

 

With inputs from IANS