ग्रामीण नकदी प्रवाह के दम पर जनवरी में भारत में वाहन खुदरा बिक्री 17.61 फीसदी बढ़ीBy Admin Tue, 10 February 2026 01:23 PM









नई दिल्ली। भारत में कुल वाहन खुदरा बाजार जनवरी में सालाना आधार पर 17.61 फीसदी बढ़कर 27,22,558 इकाई तक पहुंच गया। इस बढ़ोतरी में दोपहिया और यात्री वाहनों की मजबूत मांग का अहम योगदान रहा। यह जानकारी ऑटोमोबाइल डीलर्स संघ फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) ने मंगलवार को दी।

फाडा के बयान के अनुसार, जनवरी में यात्री वाहन (पीवी) खुदरा बिक्री 7.22 फीसदी बढ़कर 5,13,475 इकाई हो गई, जिसमें शहरी बाजारों की हिस्सेदारी करीब 59.2 फीसदी रही।

उद्योग संगठन के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में पीवी खुदरा बिक्री में सालाना आधार पर 14.43 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह वृद्धि 2.75 फीसदी रही।

फाडा के अध्यक्ष सी.एस. विग्नेश्वर ने कहा, “जीएसटी के बाद की गति, फसल कटाई और शादियों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर नकदी प्रवाह और परिवहन तथा माल ढुलाई क्षेत्र में लगातार बनी मांग ने इस वृद्धि को गति दी है।”

डीलरों से मिली प्रतिक्रिया में मजबूत पूछताछ, ग्राहकों की बढ़ती भागीदारी, डिजिटल माध्यम से तेजी से फॉलो-अप और ज्यादा कीमत वाले मॉडलों की ओर रुझान देखने को मिला है।

बयान में कहा गया कि पोंगल, मकर संक्रांति और शादी के मौसम के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बिक्री मजबूत बनी रही।

हालांकि, कुछ क्षेत्रों में मॉडल-विशेष की आपूर्ति में कमी और प्रतिस्पर्धी छूट योजनाएं निकट भविष्य में खुदरा बाजार की रणनीति को प्रभावित कर रही हैं।

दोपहिया वाहनों ने सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की। जनवरी में 18,52,870 दोपहिया वाहन बिके, जो सालाना आधार पर 20.82 फीसदी अधिक है। दोपहिया वाहनों की कुल बिक्री में ग्रामीण क्षेत्रों की हिस्सेदारी करीब 56 फीसदी रही।

वहीं, वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 15.07 फीसदी बढ़कर 1,07,486 इकाई हो गई। इसमें हल्के वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 65,505 इकाई और भारी वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 34,287 इकाई रही, जिनमें करीब 14 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

फाडा के अनुसार फरवरी में बाजार का रुझान सकारात्मक बना हुआ है। मजबूत आर्थिक स्थिति और डीलरों के आत्मविश्वास के चलते 72.56 फीसदी डीलरों को बिक्री बढ़ने की उम्मीद है, जबकि केवल 4.51 फीसदी डीलरों को गिरावट की आशंका है।

बयान में कहा गया कि विकासोन्मुख बजट, बुनियादी ढांचा और कृषि क्षेत्र पर जोर, शादी और त्योहारों का सीजन तथा 2025 में ब्याज दरों में नरमी के बाद भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा दरों को स्थिर रखने जैसे कारक खरीद क्षमता, वित्तपोषण में सुविधा और खरीदारी की इच्छा को मजबूत कर रहे हैं।

फाडा ने अगले तीन महीनों में व्यापक स्तर पर वृद्धि की संभावना जताई है, जिसे महानगरों से बाहर मांग के विस्तार से और बल मिलेगा। इसके प्रमुख कारण बेहतर वहनीयता, ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत नकदी प्रवाह और नए उत्पादों की बढ़ती मांग बताए गए हैं।

 

With inputs from IANS

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