
मुंबई- कमजोर वैश्विक संकेतों, जोखिम से बचने की अंतरराष्ट्रीय प्रवृत्ति, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और मिले-जुले तिमाही नतीजों के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ खुले।
सुबह 9.30 बजे तक सेंसेक्स 168 अंकों या 0.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,012 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 28 अंक या 0.11 प्रतिशत फिसलकर 25,204 पर पहुंच गया।
ब्रॉडकैप सूचकांक भी बेंचमार्क के अनुरूप रहे। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.18 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.11 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई।
सेक्टोरल स्तर पर कारोबार मिला-जुला रहा। निफ्टी मेटल और फार्मा इंडेक्स सबसे ज्यादा बढ़त के साथ क्रमशः 0.83 प्रतिशत और 0.86 प्रतिशत ऊपर रहे। वहीं आईटी और केमिकल सेक्टर में दबाव दिखा और ये क्रमशः 0.81 प्रतिशत और 1.21 प्रतिशत नीचे रहे।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 25,050–25,100 के स्तर पर है, जबकि रेजिस्टेंस 25,350–25,400 के दायरे में देखा जा रहा है।
पीएल कैपिटल के हेड एडवाइजरी विक्रम कसाट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस की वाइन और शैम्पेन पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी है, जिससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है।
विश्लेषकों का कहना है कि ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप के नए बयानों के बाद अमेरिकी शेयर बाजारों में आई बिकवाली यह संकेत देती है कि निवेशक जोखिम से बचने की रणनीति अपना रहे हैं।
कसाट ने कहा, “यदि निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर जा रहे होते, तो बॉन्ड की कीमतों में बढ़त आती। लेकिन इसके बजाय बॉन्ड भी गिरे और यील्ड अगस्त के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।”
ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नील्सन ने मंगलवार को नागरिकों से अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर सतर्क रहने की अपील की, हालांकि उन्होंने इसे कम संभावना वाला परिदृश्य भी बताया।
एक अन्य विश्लेषक के अनुसार, यदि प्रस्तावित टैरिफ लागू होते हैं तो यूरोप जवाबी कदम उठा सकता है, जिससे व्यापार युद्ध की स्थिति बन सकती है और वैश्विक व्यापार पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसका असर शेयर बाजारों में और बिकवाली के रूप में दिख सकता है।
एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई कंपोजिट 0.36 प्रतिशत और शेनझेन इंडेक्स 1.03 प्रतिशत की बढ़त में रहा। जापान का निक्केई 0.56 प्रतिशत, हांगकांग का हैंग सेंग 0.18 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.36 प्रतिशत की गिरावट में रहा।
अमेरिकी बाजारों में पिछले सत्र में भारी कमजोरी देखी गई। नैस्डैक 2.39 प्रतिशत टूटा, एसएंडपी 500 में 2.06 प्रतिशत और डॉव जोंस में 1.76 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
20 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 2,938 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,666 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की।
With inputs from IANS