वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की विकास संभावनाओं को लेकर 67% एचएनआई और यूएचएनआई आशावादी: रिपोर्टBy Admin Sun, 25 January 2026 07:55 AM

नई दिल्ली: वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत के लगभग दो-तिहाई हाई नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (एचएनआई) और अल्ट्रा हाई नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (यूएचएनआई) देश की आर्थिक संभावनाओं को लेकर भरोसा बनाए हुए हैं। एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।

इंडिया सोथबीज़ इंटरनेशनल रियल्टी (आईएसआईआर) की लक्ज़री रेजिडेंशियल आउटलुक सर्वे 2026 के अनुसार, करीब 67 प्रतिशत संपन्न निवेशक अगले 12 से 24 महीनों में भारत की विकास गाथा को लेकर पूरी तरह सकारात्मक रुख रखते हैं।

सर्वे में अर्थव्यवस्था को लेकर स्थिर आशावाद झलकता है। इसमें शामिल 72 प्रतिशत लोगों का मानना है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6 से 7 प्रतिशत के दायरे में स्थिर हो जाएगी। हालांकि यह पहले के वर्षों की तुलना में अपेक्षाकृत धीमी गति को दर्शाता है, लेकिन मजबूत आर्थिक आधार और बढ़ती संपत्ति सृजन के चलते इसे टिकाऊ और लचीला विकास माना जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, रियल एस्टेट क्षेत्र, खासकर लग्ज़री हाउसिंग सेगमेंट में भी निवेशकों का भरोसा कायम है। अधिकांश एचएनआई और यूएचएनआई प्रॉपर्टी में निवेश जारी रखने की योजना बना रहे हैं, हालांकि अब वे ज्यादा सतर्कता और चयनात्मक दृष्टिकोण अपना रहे हैं।

घटती ब्याज दरें, बेहतर वहन क्षमता और मजबूत एंड-यूज़र मांग जैसे कारक रियल एस्टेट को दीर्घकालिक निवेश विकल्प के रूप में और आकर्षक बना रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग 67 प्रतिशत संपन्न निवेशकों को रियल एस्टेट से सालाना 15 प्रतिशत तक का रिटर्न मिलने की उम्मीद है।

लग्ज़री घरों की खरीद निवेश और व्यक्तिगत उपयोग—दोनों उद्देश्यों से की जा रही है। जहां 53 प्रतिशत खरीदार पूंजी मूल्यवृद्धि को ध्यान में रखकर निवेश कर रहे हैं, वहीं 47 प्रतिशत लोग स्वयं रहने के लिए संपत्ति खरीद रहे हैं।

शहरों में स्थित आवासीय संपत्तियां अभी भी अमीर खरीदारों की पहली पसंद बनी हुई हैं। करीब 31 प्रतिशत लोग शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक आवास को प्राथमिकता दे रहे हैं, जबकि 30 प्रतिशत निवेश के उद्देश्य से आवासीय संपत्तियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

हालांकि, गुणवत्तापूर्ण इन्वेंट्री की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण पिछले एक वर्ष में सेकंड होम्स को लेकर रुचि में थोड़ी कमी आई है। इसके बावजूद, जो लोग अब भी दूसरा घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, उनमें शहर के बाहरी इलाकों में स्थित फार्महाउस सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं, जिन्हें 46 प्रतिशत लोगों ने पसंद किया है।

इसके बाद पहाड़ी और पर्वतीय क्षेत्रों का स्थान है, जहां 33 प्रतिशत संपन्न खरीदार अवकाश के लिए संपत्तियां खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं।

पिछले वर्ष सूचीबद्ध डेवलपर्स द्वारा रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई और मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, गोवा और अलीबाग जैसे बाजारों में कई हाई-वैल्यू प्रॉपर्टी डील्स हुईं।

इंडिया सोथबीज़ इंटरनेशनल रियल्टी के मैनेजिंग डायरेक्टर अमित गोयल ने कहा, “साल 2026 की शुरुआत भारत के लग्ज़री रियल एस्टेट बाजार के लिए एक निर्णायक वर्ष के बाद शांत लेकिन मजबूत भरोसे के साथ हुई है।”

उन्होंने कहा कि इन खरीदारों के लिए रियल एस्टेट न केवल स्थिरता प्रदान करता है, बल्कि जीवनशैली का मूल्य और दीर्घकालिक संपत्ति संरक्षण भी सुनिश्चित करता है, जिससे गुणवत्ता-आधारित लग्ज़री घर और अधिक आकर्षक बनते जा रहे हैं।

वहीं, इंडिया सोथबीज़ इंटरनेशनल रियल्टी के सीईओ अश्विन चड्ढा ने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि और संपत्ति सृजन साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं, जिससे प्रीमियम आवासीय संपत्तियों की संरचनात्मक मांग लगातार मजबूत हो रही है।

 

With inputs from IANS