
नई दिल्ली। भारत के प्लास्टिक उद्योग में तेज़ वृद्धि की संभावना है और 2030 तक प्लास्टिक निर्यात के लगभग दोगुना होकर 20 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है, जो 2025 में करीब 10 अरब डॉलर था। मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, पूरा उद्योग 2030 तक 11 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) के साथ 44.5 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
प्लास्टिक उद्योग की शीर्ष संस्था प्लास्टइंडिया फाउंडेशन ने कहा कि 2025 में 26.5 अरब डॉलर मूल्य वाला यह उद्योग बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और पैकेजिंग, ऑटोमोबाइल, निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में बढ़ती उपभोक्ता मांग से आगे बढ़ेगा।
प्लास्टइंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष रविश कामथ ने बताया कि पैकेजिंग इस उद्योग का लगभग 42 प्रतिशत हिस्सा रखती है, जिसे ई-कॉमर्स के तेज़ विस्तार का समर्थन मिल रहा है। यह आधुनिक व्यापार में प्लास्टिक उद्योग की अहम भूमिका को दर्शाता है।
दुनिया की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक प्रदर्शनी और भारत की पहली 100 प्रतिशत शून्य-कचरा (जीरो-वेस्ट) एक्सपो मानी जाने वाली ‘प्लास्टइंडिया 2026’ का आयोजन 5 से 10 फरवरी के बीच नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया जाएगा।
इस आयोजन में 2,000 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा लेंगे और 6 लाख से ज्यादा लोगों के आने की उम्मीद है। कामथ ने कहा कि इस मंच पर भारतीय प्लास्टिक उद्योग के पैमाने, मजबूती और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को प्रदर्शित किया जाएगा।
प्रदर्शनी में प्लास्टिक फिल्में, औद्योगिक पुर्जे और विशेष पॉलिमर दिखाए जाएंगे। इसका उद्देश्य भारतीय निर्माताओं को वैश्विक खरीदारों, निवेशकों और प्रौद्योगिकी भागीदारों से जोड़कर निर्यात को और बढ़ावा देना तथा भारत को वैश्विक प्लास्टिक नेता के रूप में स्थापित करना है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस उद्योग आयोजन में सीईओ कॉन्क्लेव, रिवर्स बायर-सेलर मीट और आईआईएम कलकत्ता इनोवेशन पार्क के सहयोग से स्टार्टअप सर्च इनिशिएटिव भी शामिल होंगे।
‘प्लास्टइंडिया 2026’ में 20,000 वर्ग फुट का ओपन एयर म्यूज़ियम भी होगा, जो भारत में अपनी तरह की पहली पहल है। इसमें विशाल मूर्तियों, इंटरएक्टिव इंस्टॉलेशनों और थीम आधारित ज़ोन्स के माध्यम से प्लास्टिक की सकारात्मक और जिम्मेदार भूमिका को प्रदर्शित किया जाएगा।
प्लास्टइंडिया 2026 की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति के अध्यक्ष आलोक तिबरेवाला ने कहा कि यह प्रदर्शनी पूरी प्लास्टिक वैल्यू चेन में नवाचार, स्थिरता और डिजिटल परिवर्तन को उजागर करेगी, जिससे स्पष्ट होगा कि भारतीय निर्माता वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
With inputs from IANS