
नई दिल्ली। विमान निर्माण, सप्लाई चेन, आफ्टरमार्केट सेवाओं और पायलट प्रशिक्षण के अवसरों पर सहयोग के उद्देश्य से वैश्विक एयरोस्पेस कंपनी एम्ब्रेयर और अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने मंगलवार को भारत में एकीकृत क्षेत्रीय परिवहन विमान (आरटीए) इकोसिस्टम विकसित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
इस सहयोग के तहत कंपनियों का लक्ष्य भारत के क्षेत्रीय परिवहन विमान कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए एक असेंबली लाइन स्थापित करना और इसके बाद चरणबद्ध तरीके से स्वदेशीकरण बढ़ाना है। यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान और ‘उड़ान’ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी विजन के अनुरूप होगी।
एम्ब्रेयर कमर्शियल एविएशन के अध्यक्ष एवं सीईओ आर्जन मायर ने कहा, “भारत एम्ब्रेयर के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण बाजार है। यह साझेदारी हमारी एयरोस्पेस विशेषज्ञता को अडानी समूह की मजबूत औद्योगिक क्षमताओं और स्वदेशीकरण के प्रति प्रतिबद्धता के साथ जोड़ती है।”
उन्होंने आगे कहा, “हम मिलकर भारत की आरटीए महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देने के लिए सबसे व्यवहार्य, उन्नत और कुशल समाधानों का मूल्यांकन करेंगे और उनके कार्यान्वयन की संभावनाओं को तलाशेंगे।”
यह संभावित साझेदारी एम्ब्रेयर की गहरी इंजीनियरिंग और विमान निर्माण विशेषज्ञता के साथ अडानी समूह की विमानन वैल्यू-चेन मौजूदगी का लाभ उठाएगी, जिसमें हवाई अड्डा अवसंरचना, एयरोस्पेस निर्माण, मेंटेनेंस-रिपेयर-ओवरहॉल (MRO) सेवाएं और पायलट प्रशिक्षण शामिल हैं।
अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के निदेशक जीत अडानी ने कहा, “क्षेत्रीय विमानन आर्थिक विस्तार की रीढ़ है। उड़ान जैसी पहलों से टियर-2 और टियर-3 शहरों में हवाई संपर्क में बड़ा बदलाव आया है, जिससे एक स्वदेशी क्षेत्रीय विमानन इकोसिस्टम की आवश्यकता और भी महत्वपूर्ण हो गई है।”
उन्होंने यह भी कहा कि “यह साझेदारी भारत और ब्राजील के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करेगी और दोनों देशों की पूरक क्षमताओं को एक साथ लाएगी।”
एम्ब्रेयर की भारत में मजबूत मौजूदगी और लंबा इतिहास रहा है। वर्तमान में देश में लगभग 50 एम्ब्रेयर विमान और 11 प्रकार के विमान वाणिज्यिक, रक्षा और बिजनेस एविएशन क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं।
प्रस्तावित इकोसिस्टम का उद्देश्य घरेलू मांग को पूरा करने के साथ-साथ इंजीनियरिंग, निर्माण, लॉजिस्टिक्स और सहायक सेवाओं में बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन करना है।
अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के अध्यक्ष एवं सीईओ आशीष राजवंशी ने कहा, “हम भारत के क्षेत्रीय परिवहन विमान इकोसिस्टम को आकार दे रहे हैं। यह आत्मनिर्भर विमानन की दिशा में एक साहसिक कदम है, जो शहरी-ग्रामीण अंतर को पाटेगा, उच्च कौशल वाले रोजगार पैदा करेगा और वैश्विक एयरोस्पेस उद्योग में भारत की स्थिति को और मजबूत करेगा।”
अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस भारत की सबसे बड़ी एकीकृत निजी रक्षा और एयरोस्पेस कंपनी है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकताओं और वैश्विक आवश्यकताओं के अनुरूप स्वदेशी एयरोस्पेस और यूएवी निर्माण को आगे बढ़ा रही है।
देश के सबसे बड़े एमआरओ इकोसिस्टम और तेजी से विस्तार कर रहे पायलट प्रशिक्षण मंच के साथ, अडानी डिफेंस भारत की विमानन वैल्यू चेन को सिरे से सशक्त बना रही है। इसका विविध पोर्टफोलियो विमानों, मानवरहित प्रणालियों, एवियोनिक्स, हथियारों और रखरखाव सेवाओं तक फैला हुआ है, जो दीर्घकालिक क्षमता विकास और राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता के लक्ष्य पर आधारित है।
With inputs from IANS