भारत-ईयू एफटीए में वित्तीय सेवाओं पर सहमति, डिजिटल पेमेंट और फिनटेक को मिलेगा बढ़ावाBy Admin Thu, 29 January 2026 06:20 AM

नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत वित्तीय सेवाओं पर वार्ताएं पूरी कर ली हैं। इसे दोनों पक्षों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।

वित्तीय सेवाओं से जुड़े परिशिष्ट (Financial Services Annex) के तहत भारत और ईयू ने इलेक्ट्रॉनिक भुगतान अवसंरचना के विकास, आपसी इंटरऑपरेबिलिटी और क्रॉस-बॉर्डर भुगतान को अधिक सुविधाजनक बनाने पर सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। इसका उद्देश्य रियल-टाइम सीमा-पार रेमिटेंस, मर्चेंट पेमेंट और अन्य डिजिटल ट्रांसफर को प्रोत्साहित करना है।

मंत्रालय के अनुसार, यह प्रावधान भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को सीधा समर्थन देगा, ईयू क्षेत्र में बसे भारतीय प्रवासियों से रेमिटेंस प्रवाह को बढ़ाएगा और भारतीय भुगतान सेवा प्रदाताओं के लिए नए बाजार अवसर पैदा करेगा। साथ ही, यूपीआई जैसे डिजिटल भुगतान सिस्टम में भारत की तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ भी उठाया जाएगा।

दोनों पक्षों ने फिनटेक इनोवेशन में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई है। इसे फिनटेक सहयोग के क्षेत्र में भारत की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। समझौते के तहत SupTech, RegTech और सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) जैसे क्षेत्रों में सहयोग और नए कारोबारी अवसरों की तलाश की जाएगी।

वित्तीय सेवाओं के बाजार में भारतीय वित्तीय संस्थानों को मनमाने या भेदभावपूर्ण क्रेडिट आकलन से सुरक्षा दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि यह प्रावधान भारतीय बैंकों, बीमा कंपनियों और अन्य वित्तीय सेवा प्रदाताओं को ईयू की घरेलू संस्थाओं के समान व्यवहार सुनिश्चित करता है और किसी भी तरह के भेदभावपूर्ण नियामकीय प्रतिबंधों से बचाता है।

समझौते में बैंकिंग, बीमा और अन्य वित्तीय सेवाओं में मार्केट एक्सेस और नेशनल ट्रीटमेंट को लेकर व्यापक प्रतिबद्धताएं शामिल हैं। भारत की पेशकश भविष्य-उन्मुख उदारीकरण नीति को दर्शाती है, जिसमें बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति, बैंकिंग में एफडीआई सीमा को 74 प्रतिशत तक बढ़ाना और बैंक शाखा लाइसेंसिंग को उदार बनाना शामिल है। इसके तहत चार वर्षों में 15 नई बैंक शाखाएं खोलने की अनुमति होगी, जो पहले जीएटीएस के तहत प्रस्तावित 12 शाखाओं से अधिक है।

वर्तमान में भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और बैंक ऑफ इंडिया—तीन भारतीय बैंकों की ईयू में कुल पांच शाखाएं हैं, जबकि केवल भारतीय स्टेट बैंक का एक प्रतिनिधि कार्यालय वहां मौजूद है। दूसरी ओर, ईयू के पांच बैंक भारत में 33 शाखाओं के साथ कार्यरत हैं और 17 बैंक प्रतिनिधि कार्यालय चला रहे हैं।

वर्ष 2024 में भारत और ईयू के बीच कुल सेवा व्यापार लगभग 83 अरब डॉलर का रहा। इसी वर्ष भारत ने ईयू को करीब 700 मिलियन डॉलर की वित्तीय सेवाओं का निर्यात किया, जबकि लगभग 600 मिलियन डॉलर की वित्तीय सेवाओं का आयात किया।

वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों देशों ने मिलकर एक संतुलित, दूरदर्शी और परस्पर लाभकारी समझौता तैयार किया है, जिससे भारत और ईयू के वित्तीय सेवा क्षेत्रों के लिए नए अवसर खुलेंगे।

 

With inputs from IANS