सोना-चांदी ईटीएफ की एयूएम 3 लाख करोड़ रुपये के पार: डेटाBy Admin Wed, 11 February 2026 12:00 PM

मुंबई। गोल्ड और सिल्वर एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) की संयुक्त प्रबंधनाधीन संपत्ति (एयूएम) जनवरी में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचते हुए 3 लाख करोड़ रुपये के पार हो गई। यह जानकारी एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के आंकड़ों से मिली है।

आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2025 में 1 लाख करोड़ रुपये रही एयूएम महज पांच महीनों में लगभग तीन गुना बढ़ गई है। यह बढ़ोतरी कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों की रिकॉर्ड आमद के कारण हुई है।

इस वृद्धि के साथ निवेश खातों (फोलियो) की संख्या में भी तेज उछाल दर्ज किया गया। गोल्ड ईटीएफ के फोलियो 80.34 लाख से बढ़कर 1.14 करोड़ हो गए, जबकि सिल्वर ईटीएफ के फोलियो 11.31 लाख से बढ़कर 47.85 लाख तक पहुंच गए।

जनवरी में निवेश का नया रिकॉर्ड बना, जहां गोल्ड ईटीएफ में 24,039 करोड़ रुपये और सिल्वर ईटीएफ में 9,463 करोड़ रुपये का निवेश आया। दोनों को मिलाकर यह राशि 24,029 करोड़ रुपये के इक्विटी फंड निवेश से भी ज्यादा रही। वहीं दिसंबर में गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में संयुक्त रूप से 15,609 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था, जबकि इक्विटी फंड में 28,055 करोड़ रुपये का निवेश दर्ज किया गया था।

विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव मैक्रोइकॉनॉमिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों द्वारा सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर अस्थायी झुकाव को दर्शाता है। विशेषज्ञों ने दीर्घकालिक निवेशकों को सलाह दी है कि वे अपने पोर्टफोलियो में कीमती धातुओं का हिस्सा लगभग 10-15 प्रतिशत तक बनाए रखें और ऊंचे स्तर पर एकमुश्त निवेश करने के बजाय सिस्टमैटिक निवेश योजना (एसआईपी) के जरिए चरणबद्ध निवेश करें।

जनवरी के अंत तक ओपन-एंडेड इक्विटी उन्मुख योजनाओं की एयूएम 34.86 लाख करोड़ रुपये रही, जबकि ओपन-एंडेड डेट उन्मुख योजनाओं की एयूएम 18.90 लाख करोड़ रुपये दर्ज की गई।

मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रिंसिपल रिसर्च हिमांशु श्रीवास्तव के अनुसार, बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद एसआईपी के स्थिर योगदान और भारतीय इक्विटी के दीर्घकालिक विकास की संभावनाओं पर भरोसे के कारण निवेश प्रवाह सकारात्मक बना रहा।

उन्होंने बताया कि कुल निवेश प्रवाह में कमी का मुख्य कारण मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में गति का धीमा होना रहा। हालांकि, लार्ज-कैप और फोकस्ड फंड्स में जनवरी के दौरान दिसंबर की तुलना में बेहतर निवेश प्रवाह देखा गया।

 

With inputs from IANS