
नई दिल्ली: भारत में सजावटी मछलियों का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। केंद्र सरकार के मुताबिक देश से होने वाला ऑर्नामेंटल फिशरीज निर्यात अब करीब 41 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो इस क्षेत्र की बढ़ती आर्थिक भूमिका को दर्शाता है।
Ministry of Fisheries, Animal Husbandry and Dairying के अनुसार, Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana के तहत सजावटी मत्स्य पालन एक उभरते हुए उच्च संभावनाओं वाले सेक्टर के रूप में सामने आया है। भारत में करीब 700 स्वदेशी मीठे पानी की और 300 से अधिक समुद्री प्रजातियां उपलब्ध हैं, जिससे इस क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं दिखाई दे रही हैं।
सरकार की ओर से अब तक 1,986 बैकयार्ड ऑर्नामेंटल फिश रीयरिंग यूनिट, 6,018 फिश कियोस्क और एक्वेरियम तथा 117 रिटेल मार्केट को सहायता दी गई है। इनमें सजावटी मछलियों और एक्वेरियम के लिए विशेष बाजार भी शामिल हैं।
इसके अलावा पांच फ्रेशवॉटर ऑर्नामेंटल फिश ब्रूड बैंक और 199 इंटीग्रेटेड ऑर्नामेंटल फिश यूनिट स्थापित की गई हैं। इससे उत्पादन, मार्केटिंग और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिला है।
सरकार ने देशभर में 34 मत्स्य उत्पादन और प्रोसेसिंग क्लस्टर भी अधिसूचित किए हैं, जिनमें Madurai का ऑर्नामेंटल फिशरीज क्लस्टर भी शामिल है।
हाल ही में मत्स्य पालन विभाग के सचिव Dr. Abhilaksh Likhi ने Raigad के मंगरुल गांव में स्थापित ऑर्नामेंटल फिशरीज ब्रूड बैंक का दौरा किया। यह यूनिट Yashodhara Sanjay Khandagale द्वारा पीएमएमएसवाई योजना के तहत स्थापित की गई है।
यह देश की अपनी तरह की पहली पहल मानी जा रही है, जहां 25 से अधिक प्रकार की सजावटी मछलियों का संरक्षण और प्रजनन किया जा रहा है। यहां अब तक 20 प्रजातियों की करीब 7.7 लाख मछलियों का उत्पादन हुआ है, जिससे लगभग 1.93 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ और 25 से 30 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिला।
यह यूनिट अमेरिका, इटली, फ्रांस, मॉरीशस, दक्षिण कोरिया, कतर, कुवैत, मलेशिया, चीन, उज्बेकिस्तान, नाइजीरिया और इजरायल जैसे देशों को सजावटी मछलियां निर्यात कर रही है।
Maharashtra में मत्स्य क्षेत्र काफी मजबूत माना जाता है। राज्य की 877.97 किलोमीटर लंबी तटीय रेखा, 173 फिश लैंडिंग सेंटर और 526 मछुआरा गांव इस उद्योग को मजबूती देते हैं। वर्ष 2022-23 में राज्य में करीब 5.9 लाख टन मछली उत्पादन दर्ज किया गया था।
With inputs from IANS