खिलौना उद्योग को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन: हर क्लस्टर में बनेंगी आधुनिक टेस्टिंग लैब, बोले पीयूष गोयलBy Admin Sat, 04 July 2026 04:25 PM

नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने शनिवार को कहा कि सरकार देशभर के खिलौना निर्माण क्लस्टरों में आधुनिक परीक्षण (टेस्टिंग) सुविधाएं स्थापित करेगी, ताकि भारतीय खिलौने घरेलू और वैश्विक बाजार में उच्च गुणवत्ता के मानकों पर खरे उतर सकें।

17वें 'टॉय बिज इंटरनेशनल बी2बी एग्जीबिशन 2026' को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि Bureau of Indian Standards (बीआईएस), National Test House तथा अन्य सरकारी और अर्ध-सरकारी प्रयोगशालाओं के माध्यम से अत्याधुनिक टेस्टिंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने उद्योग जगत से आग्रह किया कि वे आवश्यक परीक्षण उपकरणों की जानकारी सरकार को उपलब्ध कराएं, ताकि बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

पीयूष गोयल ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) से लगातार विस्तार करने का आह्वान करते हुए कहा कि हर सूक्ष्म इकाई को लघु, हर लघु इकाई को मध्यम और हर मध्यम इकाई को बड़े उद्योग बनने का लक्ष्य रखना चाहिए।

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उन्होंने बताया कि एमएसएमई की श्रेणी तय करने में निर्यात कारोबार (एक्सपोर्ट टर्नओवर) को शामिल नहीं किया जाता। इससे उद्यम निर्यात बढ़ाते हुए भी एमएसएमई से मिलने वाले लाभों का फायदा उठाते रह सकते हैं।

मंत्री ने उद्योग जगत से कौशल विकास केंद्र स्थापित करने और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के साथ मिलकर श्रमिकों को आधुनिक विनिर्माण तकनीकों तथा बेहतर उत्पादन प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण देने की अपील की।

उन्होंने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) स्थापित करने का भी सुझाव दिया। इन केंद्रों में उत्पाद परीक्षण, अनुसंधान एवं विकास, नवाचार, डिजाइन और नए उत्पादों के प्रदर्शन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

पीयूष गोयल ने खिलौना निर्माताओं से अपने ब्रांड को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने का भी आग्रह किया और कहा कि सरकार एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन के माध्यम से इसमें सहयोग करेगी।

उन्होंने कहा कि वैश्विक खिलौना बाजार का आकार लगभग 120 अरब डॉलर का है। यदि भारतीय उद्योग गुणवत्ता के उच्च मानकों को बनाए रखता है, तो इस बाजार में देश की हिस्सेदारी उल्लेखनीय रूप से बढ़ सकती है।

मंत्री ने उद्योगों से कंप्यूटर एडेड डिजाइन (CAD), कंप्यूटर एडेड मैन्युफैक्चरिंग (CAM) और सीएनसी मशीनिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया। उनके अनुसार, इन तकनीकों से उत्पादों की गुणवत्ता, सटीकता और उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

उन्होंने कहा कि आधुनिक मशीनों के उपयोग और उत्पादन प्रक्रियाओं में लगातार तकनीकी उन्नयन से भारतीय खिलौना उद्योग वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी अलग पहचान बना सकेगा।

पीयूष गोयल ने बताया कि 'मेक इन इंडिया' पहल के पिछले 11 वर्षों में खिलौना उद्योग को व्यापक सरकारी समर्थन मिला है। देशभर में 50 से अधिक खिलौना निर्माण क्लस्टर स्थापित किए जा चुके हैं और लगभग 21,000 एमएसएमई इकाइयां इस क्षेत्र से जुड़ी हैं। इनमें से कई भारतीय और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों के लिए कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग भी कर रही हैं।

 

With inputs from IANS