भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता भारतीय कारोबार के लिए बनेगा बड़ा अवसर: उद्योग जगतBy Admin Tue, 21 July 2026 11:31 AM

मुंबई: भारत और ब्रिटेन के बीच हाल ही में संपन्न मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) भारतीय उद्योगों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला साबित होगा। उद्योग जगत का मानना है कि इस समझौते से बड़े कॉरपोरेट्स के साथ-साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को भी वैश्विक बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने का बड़ा मौका मिलेगा।

इंडियन मर्चेंट्स चैंबर (आईएमसी) के अध्यक्ष प्रो. महेंद्र कुमार चौहान ने आईएएनएस से बातचीत में इस समझौते को "ऐतिहासिक कदम" बताते हुए कहा कि इससे भारत के निर्यात तंत्र को मजबूती मिलेगी और विनिर्माण से लेकर सेवा क्षेत्र तक सभी को लाभ पहुंचेगा। उनका कहना है कि यह समझौता भारतीय निर्यात को अधिक समावेशी बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

प्रो. चौहान के अनुसार, एफटीए के जरिए अलग-अलग आकार के उद्योगों को ब्रिटेन के बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी। इसका फायदा केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मध्यम उद्योगों और एमएसएमई को भी अपने कारोबार का विस्तार करने और वैश्विक पहचान बनाने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने बताया कि कपड़ा एवं परिधान, रत्न एवं आभूषण, चमड़ा एवं चमड़े के उत्पाद, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), पेशेवर सेवाएं और अन्य श्रम-प्रधान उद्योग इस समझौते से सबसे अधिक लाभान्वित होने वाले क्षेत्रों में शामिल हैं।

रत्न एवं आभूषण उद्योग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हीरे की कटिंग और पॉलिशिंग में भारत की वैश्विक विशेषज्ञता उसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देती है। वहीं, आईटी, फिनटेक, वित्तीय सेवाओं और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में भारत का कुशल मानव संसाधन ब्रिटेन के बाजार में अपनी मौजूदगी और मजबूत कर सकेगा।

प्रो. चौहान ने कहा कि भारत की कम लागत वाली उत्पादन क्षमता और ब्रिटेन जैसे उच्च आय वाले उपभोक्ता बाजार तक आसान पहुंच भारतीय कंपनियों को अपने उत्पादों और सेवाओं का बेहतर मूल्य दिलाने के साथ-साथ उनकी वैश्विक प्रतिस्पर्धा भी बढ़ाएगी।

आत्मनिर्भर भारत अभियान का जिक्र करते हुए उन्होंने स्काईरूट एयरोस्पेस का उदाहरण दिया। उनका कहना था कि स्वदेशी तकनीक के दम पर उन्नत रॉकेट तकनीक विकसित करने वाली इस कंपनी की सफलता यह दिखाती है कि भारत अनुसंधान, नवाचार और घरेलू तकनीकी विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि युवा इंजीनियरों और उद्यमियों की यह उपलब्धि देश की प्रतिभा का प्रमाण है और इससे अन्य उद्योगों को भी स्वदेशी तकनीक तथा स्थानीय स्तर पर विकसित उत्पादों में निवेश करने की प्रेरणा मिलेगी।

 

With inputs from IANS

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