
नई दिल्ली: वर्ष 2026 की पहली छमाही (जनवरी-जून) में 78 लघु एवं मध्यम उद्यमों (SMEs) ने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के जरिए कुल 3,752 करोड़ रुपये जुटाए। बी2के एनालिटिक्स (B2K Analytics) की शुक्रवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, IPO की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में कम रही, लेकिन कंपनियों को पूंजी जुटाने में कोई खास दिक्कत नहीं हुई।
रिपोर्ट के मुताबिक, कुल जुटाई गई राशि में करीब 3,555 करोड़ रुपये (95 प्रतिशत) फ्रेश इश्यू के जरिए आए। वहीं, ऑफर फॉर सेल (OFS) के माध्यम से सिर्फ 197 करोड़ रुपये जुटाए गए, जो पिछले साल की समान अवधि के 328 करोड़ रुपये से काफी कम है। इससे साफ है कि कंपनियां मौजूदा शेयरधारकों को बाहर निकलने का मौका देने के बजाय अपने कारोबार के विस्तार के लिए पूंजी जुटाने पर अधिक ध्यान दे रही हैं।
हालांकि, 2026 की पहली छमाही में IPO की संख्या 2025 की समान अवधि के 88 और 2024 की 116 लिस्टिंग से कम रही, लेकिन जुटाई गई राशि 2025 की पहली छमाही के 4,004 करोड़ रुपये के करीब रही। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों का भरोसा अच्छी गुणवत्ता वाली SME कंपनियों पर बना हुआ है।
बी2के एनालिटिक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ऋतबान बसु ने कहा कि इस साल SME IPO बाजार में लिस्टिंग की रफ्तार पहले की तुलना में थोड़ी संतुलित रही, लेकिन फंड जुटाने का स्तर मजबूत बना रहा। उनके अनुसार, कम IPO के बावजूद करीब 3,800 करोड़ रुपये जुटा लेना इस बात का संकेत है कि निवेशक अब भी मजबूत और विकास की क्षमता रखने वाली SME कंपनियों में निवेश करने को तैयार हैं।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अप्रैल से जून 2026 के दौरान 38 SME कंपनियों ने IPO के जरिए करीब 1,891 करोड़ रुपये जुटाए, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के 1,644 करोड़ रुपये से अधिक है।
विश्लेषण के अनुसार, हाल के महीनों में SME IPO बाजार अब अधिक संतुलित स्थिति में पहुंचता दिख रहा है। पहले जहां 2025 की तीसरी और चौथी तिमाही में क्रमशः 95 और 86 SME IPO आए थे, वहीं अब बाजार स्थिर गति से आगे बढ़ रहा है, जो दीर्घकालिक दृष्टि से सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
With inputs from IANS