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भारत के तेजी से बढ़ते स्मार्टफोन बाजार में एप्पल को 2026 की नई आईफोन श्रृंखला की लॉन्च तिमाही में मजबूत बढ़त मिलने की उम्मीद है। साइबरमीडिया रिसर्च (सीएमआर) के शुरुआती अनुमान के अनुसार, सितंबर से नवंबर के बीच भारत में एप्पल के आईफोन शिपमेंट सामान्य तिमाही औसत की तुलना में करीब 40 फीसदी अधिक रह सकते हैं।
सीएमआर के मुताबिक, 2026 में भारत में एप्पल का औसत तिमाही शिपमेंट स्तर करीब 20 फीसदी रहने का अनुमान है। हालांकि, नई आईफोन श्रृंखला की लॉन्च अवधि के दौरान यह आंकड़ा लगभग 40 फीसदी तक पहुंच सकता है। शोध फर्म ने इस तिमाही में एप्पल के लिए सालाना आधार पर करीब 4 फीसदी वृद्धि का अनुमान लगाया है।
इस बार एप्पल के प्रदर्शन में उसकी बहुप्रतीक्षित फोल्डेबल आईफोन की संभावित एंट्री भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सीएमआर का अनुमान है कि लॉन्च तिमाही में नया आईफोन फोल्ड भारत के फोल्डेबल स्मार्टफोन बाजार में करीब 24 फीसदी हिस्सेदारी हासिल कर सकता है।
नई आईफोन श्रृंखला में प्रीमियम मॉडल भी एप्पल के कारोबार को मजबूती दे सकते हैं। अनुमान के मुताबिक, आईफोन 18 प्रो लॉन्च तिमाही में एप्पल के कुल शिपमेंट में करीब 8 फीसदी योगदान दे सकता है, जबकि आईफोन 18 प्रो मैक्स की हिस्सेदारी लगभग 5 फीसदी रहने की संभावना है।
फोल्डेबल स्मार्टफोन बाजार में एप्पल की संभावित एंट्री ऐसे समय हो रही है, जब इस श्रेणी में सैमसंग और अन्य प्रमुख कंपनियां पहले से मौजूद हैं। एप्पल के बड़ी संख्या में वफादार ग्राहक लंबे समय से कंपनी के फोल्डेबल फोन का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में पहली बार फोल्डेबल आईफोन पेश किए जाने से इस श्रेणी में उपभोक्ताओं की दिलचस्पी तेजी से बढ़ सकती है।
हालांकि, एप्पल के सामने कुछ आंतरिक चुनौतियां भी हैं। कंपनी को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में प्रतिभाओं के पलायन और नेतृत्व परिवर्तन जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद कंपनी अपनी गोपनीयता-केंद्रित छवि को ब्रांड की एक प्रमुख विशेषता के रूप में बनाए रखने पर जोर दे रही है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में एप्पल की रणनीति भी उसके भविष्य के उत्पादों के लिए महत्वपूर्ण होगी। कंपनी की सिरी से जुड़ी नई पहल और व्यापक एआई क्षमताओं को उत्पादकता और कैमरा जैसे रोजमर्रा के उपयोग से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
आईफोन लॉन्च की समय-सारिणी में भी एप्पल इस बार बदलाव की रणनीति अपना सकती है। अनुमान है कि आईफोन 18 प्रो, प्रो मैक्स और बहुप्रतीक्षित फोल्डेबल मॉडल को त्योहारी सीजन वाली चौथी तिमाही में प्रमुखता से पेश किया जाएगा, जबकि सामान्य आईफोन 18 मॉडल को अगले वर्ष की पहली तिमाही में उतारा जा सकता है।
इस तरह की चरणबद्ध लॉन्च रणनीति से एप्पल को पूरे वित्त वर्ष में आईफोन की बिक्री और राजस्व को अधिक संतुलित तरीके से वितरित करने में मदद मिल सकती है। इससे कंपनी को एक ही तिमाही में बिक्री पर अत्यधिक निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग अवधियों में मांग बनाए रखने का अवसर मिलेगा।
भारत एप्पल के लिए लगातार महत्वपूर्ण बाजार बनता जा रहा है। बढ़ती प्रीमियम स्मार्टफोन मांग, स्थानीय विनिर्माण में विस्तार और देश में एप्पल के बढ़ते उपभोक्ता आधार के बीच फोल्डेबल आईफोन की संभावित एंट्री कंपनी की बाजार रणनीति के लिए एक महत्वपूर्ण अगला कदम साबित हो सकती है।