अगस्त में भारत का व्यापार घाटा घटा, वस्तु निर्यात में 26 फीसदी की जोरदार बढ़ोतरीBy IANS Tue, 15 September 2026 06:24 PM

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भारत के वस्तु निर्यात में अगस्त में जोरदार तेजी दर्ज की गई, जिससे देश का व्यापार घाटा पिछले साल के इसी महीने की तुलना में घटकर 26.86 अरब डॉलर रह गया। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सोमवार को बताया कि अगस्त में पहली बार निर्यात की वृद्धि दर आयात की वृद्धि दर से अधिक रही।

अगस्त 2025 में व्यापार घाटा 27.20 अरब डॉलर था। वहीं, जुलाई 2026 में करीब 32 अरब डॉलर के मुकाबले अगस्त में व्यापार घाटे में महीने-दर-महीने भी उल्लेखनीय कमी आई है।

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में भारत का वस्तु निर्यात 26.12 प्रतिशत बढ़कर 43.18 अरब डॉलर पहुंच गया। इस दौरान आयात 14.1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 72.67 अरब डॉलर रहा।

राजेश अग्रवाल ने कहा कि निर्यात में तेजी मुख्य रूप से इंजीनियरिंग उत्पादों, पेट्रोलियम उत्पादों, रसायनों और वस्त्रों की मजबूत मांग से आई। अमेरिका, यूरोपीय संघ और ब्रिक्स देशों से मांग ने भी निर्यात वृद्धि को गति दी।

अगस्त में सोने के आयात में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। आंकड़ों के मुताबिक, सोने का आयात घटकर 2.3 अरब डॉलर रह गया, जो अगस्त 2025 के 5.4 अरब डॉलर के मुकाबले आधे से भी कम है। सोने के आयात में कमी ने भी कुल आयात वृद्धि को सीमित रखने में भूमिका निभाई।

इस बीच, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के इस महीने की शुरुआत में जारी आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में भारत का चालू खाते का घाटा (CAD) 4.2 अरब डॉलर रहा। वैश्विक बाजार में तेल, एलपीजी और उर्वरकों की कीमतों में बढ़ोतरी तथा पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव के बावजूद CAD सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 0.5 प्रतिशत पर स्थिर रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में CAD 0.4 प्रतिशत GDP था।

भारत के बाहरी क्षेत्र की स्थिति को विदेशी मुद्रा भंडार में हुई रिकॉर्ड बढ़ोतरी से भी मजबूती मिली है। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, भारत अब दुनिया में चौथा सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार रखने वाला देश बन गया है।

आरबीआई की विदेशी मुद्रा गैर-निवासी बैंक (FCNR-B) जमा योजना के तहत डॉलर प्रवाह में तेज वृद्धि के बीच 4 सितंबर को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 44.9 अरब डॉलर बढ़कर रिकॉर्ड 785.7 अरब डॉलर हो गया। इस वृद्धि के साथ भारत ने रूस को पीछे छोड़ते हुए चौथा स्थान हासिल किया। चीन, जापान और स्विट्जरलैंड उससे आगे हैं।

हालांकि, इसी सप्ताह भारत के स्वर्ण भंडार में 2.59 अरब डॉलर की कमी आई और यह घटकर 113.81 अरब डॉलर रह गया। सोने की कीमतों में गिरावट को इसका प्रमुख कारण बताया गया है।

विदेशी मुद्रा भंडार का मजबूत स्तर भारतीय अर्थव्यवस्था की बाहरी स्थिति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे आरबीआई को रुपये में अत्यधिक उतार-चढ़ाव की स्थिति से निपटने के लिए अधिक गुंजाइश मिलती है।

पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार होने से केंद्रीय बैंक जरूरत पड़ने पर हाजिर और वायदा मुद्रा बाजारों में हस्तक्षेप कर सकता है। आरबीआई डॉलर की आपूर्ति बढ़ाकर रुपये में तेज और अस्थिर गिरावट को रोकने की कोशिश कर सकता है।

अगस्त के व्यापार आंकड़े और विदेशी मुद्रा भंडार में रिकॉर्ड वृद्धि ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा कीमतों, भू-राजनीतिक तनाव और व्यापारिक अनिश्चितताओं के बीच भारत की बाहरी क्षेत्र की मजबूती पर लगातार नजर बनी हुई है।