भारत में 10,000 करोड़ रुपये लगाएगी अमेरिकी लैम रिसर्च, देश में बनाएगी पहली सिलिकॉन कंपोनेंट फैक्ट्रीBy IANS Wed, 16 September 2026 04:11 PM

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अमेरिकी सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इक्विपमेंट कंपनी लैम रिसर्च कॉरपोरेशन ने भारत में करीब 10,000 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना का ऐलान किया है। कंपनी अगले कई वर्षों में यह निवेश भारत में अपनी पहली सिलिकॉन कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) गतिविधियों का विस्तार करने पर करेगी।

यह घोषणा SEMICON India 2026 से पहले की गई है। कंपनी के मुताबिक, भारत में उसका यह विस्तार देश के तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में बढ़ती और अधिक जटिल चिप टेक्नोलॉजी की वैश्विक मांग को पूरा करने में मदद करेगा।

लैम रिसर्च भारत में 25 साल से अधिक समय से मौजूद है और प्रस्तावित निवेश उसके दीर्घकालिक विस्तार का अगला चरण है। कंपनी की योजना एक ऐसी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी विकसित करने की है, जिसमें उन्नत सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी और अत्याधुनिक नोड्स के लिए सिलिकॉन इंगट के उत्पादन से लेकर उसकी प्रोसेसिंग तक की वर्टिकली इंटीग्रेटेड प्रक्रिया शामिल होगी।

मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ कंपनी भारत में अपनी इंजीनियरिंग और R&D क्षमताओं को भी बढ़ाएगी। लैम रिसर्च का India Center for Engineering पहले से ही डिजाइन, टेस्टिंग, वैलिडेशन और अगली पीढ़ी की टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में कंपनी के वैश्विक ग्राहकों से जुड़े कार्यक्रमों को सपोर्ट करता है।

लैम रिसर्च इंडिया के कॉरपोरेट वाइस प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर रंगेश राघवन ने कहा कि भारत कंपनी की वैश्विक इनोवेशन और ग्रोथ रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनके अनुसार, भारत में कंपनी का लगातार विस्तार यहां उपलब्ध प्रतिभा, बढ़ते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम और अनुकूल नीतिगत माहौल में उसके भरोसे को दर्शाता है।

राघवन ने कहा कि कंपनी सरकार, शिक्षण संस्थानों, सप्लायर्स, स्टार्टअप्स और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगी, ताकि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में इनोवेशन को गति दी जा सके और उसका लाभ वैश्विक उद्योग को मिले।

कंपनी का निवेश भारतीय सप्लायर्स के लिए भी नए अवसर पैदा कर