‘मिर्जापुर’ में गोलू का सफर मेरे लिए बेहद खास रहा: श्वेता त्रिपाठीBy Admin Wed, 22 July 2026 04:07 PM

मुंबई। अभिनेत्री श्वेता त्रिपाठी अपनी आगामी फिल्म ‘मिर्जापुर: द फिल्म’ को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि इस फ्रेंचाइजी में उनके किरदार गोलू गुप्ता का सफर एक साधारण और सही-गलत में विश्वास रखने वाली लड़की से सत्ता, दुख, बदले और महत्वाकांक्षा के बीच संघर्ष करने वाली मजबूत शख्सियत तक पहुंचा है।

ओटीटी पर शुरू हुई ‘मिर्जापुर’ समय के साथ एक लोकप्रिय क्राइम ड्रामा से आगे बढ़कर भारतीय पॉप कल्चर का अहम हिस्सा बन चुकी है। इसके किरदार, संवाद और कई दृश्य दर्शकों के बीच खास पहचान बना चुके हैं। अब यह कहानी बड़े पर्दे पर भी दस्तक देने के लिए तैयार है।

श्वेता ने शो के सफर को याद करते हुए कहा, "करीब आठ साल पहले जब हमने 'मिर्जापुर' की शूटिंग शुरू की थी, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह इतना बड़ा मुकाम हासिल करेगा। हर कलाकार चाहता है कि उसका काम लोगों तक पहुंचे, लेकिन बहुत कम शो ऐसे होते हैं जो लोगों की रोजमर्रा की बातचीत, मीम्स, जश्न और यहां तक कि उनकी भाषा का हिस्सा बन जाते हैं। 'मिर्जापुर' ने यह मुकाम हासिल किया। लोगों ने हमें सिर्फ कलाकार नहीं, बल्कि 'गुड्डू भैया' और 'गोलू दीदी' के रूप में अपनाया। अब दर्शक सिर्फ शो नहीं देखते, बल्कि इसके किरदारों से भावनात्मक जुड़ाव भी महसूस करते हैं।"

उन्होंने कहा कि ‘मिर्जापुर’ का बड़े पर्दे पर आना दर्शकों के वर्षों से मिले प्यार का नतीजा है।

श्वेता ने कहा, "यह सिर्फ एक फिल्म नहीं है, बल्कि उन दर्शकों के प्यार का परिणाम है जिन्होंने हर सीजन के बाद और ज्यादा देखने की इच्छा जताई, कहानियों पर चर्चा की और इन किरदारों को अपने साथ जोड़े रखा। कई मायनों में यह फिल्म जितनी हमारी है, उतनी ही दर्शकों की भी है।"

अपने किरदार गोलू गुप्ता के बारे में बात करते हुए श्वेता ने कहा कि यह भूमिका उनके करियर के सबसे खास अनुभवों में से एक रही है।

उन्होंने कहा, "गोलू का सफर मेरे लिए बेहद भावुक करने वाला है। मैंने इस किरदार को लगभग एक दशक तक जिया है। शुरुआत में वह एक ऐसी युवती थी जो सही काम करने में विश्वास रखती थी, लेकिन समय के साथ वह सत्ता, दुख, बदले और महत्वाकांक्षा के बीच खुद को तलाशने लगी। सबसे बड़ी खुशी तब होती है जब युवा महिलाएं मुझसे कहती हैं कि उन्होंने गोलू की मजबूती, उसकी कमियों और समाज की तय सीमाओं में न बंधने वाले उसके स्वभाव से खुद को जोड़ा। यह मेरे लिए बेहद खास एहसास है।"

 

With inputs from IANS

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