नेहा धूपिया बोलीं- मेरे मन में जेंडर को लेकर कोई भेदभाव नहींBy IANS Tue, 08 September 2026 05:09 PM

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अभिनेत्री नेहा धूपिया एक बार फिर रियलिटी शो ‘रोडीज’ के 21वें सीजन में गैंग लीडर के रूप में नजर आ रही हैं। शो में लैंगिक समानता और महिला प्रतिभागियों को मिलने वाली अपनी बात रखने की आजादी पर उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी लोगों को उनके जेंडर के आधार पर सीमित करने में विश्वास नहीं किया।

आईएएनएस से बातचीत में नेहा ने कहा कि ‘रोडीज’ महिला प्रतिभागियों को अपनी कहानियां, विचार और अनुभव खुलकर साझा करने का मंच देता है। उनके मुताबिक, शो में लड़कियों को इस तरह प्रस्तुत किया जाता है कि उन्हें पुरुष प्रतिभागियों की तुलना में कम प्रभावशाली या कम सक्षम महसूस न हो।

पुरुषों के दबदबे वाले माहौल में खुद को आत्मविश्वास के साथ बनाए रखने के सवाल पर नेहा ने कहा कि उनके व्यक्तित्व में बचपन से ही लैंगिक भेदभाव की सोच नहीं रही है।

उन्होंने कहा, "ऐसा इसलिए है क्योंकि मेरे मन में जेंडर को लेकर कोई भेदभाव नहीं है। मेरा पालन-पोषण इस सोच के साथ नहीं हुआ कि लड़की यह काम कर सकती है और लड़का ही वह काम कर सकता है। या यह बात इसलिए नहीं कहनी चाहिए क्योंकि आप लड़की हैं।"

नेहा ने कहा कि उनके लिए यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि आसपास के लोगों का सम्मान किया जाए। हालांकि उन्होंने आगे कहा कि किसी व्यक्ति को केवल उसके जेंडर के आधार पर कम या ज्यादा सक्षम मानने की सोच उन्हें स्वीकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से ऐसी किसी स्थिति का सामना नहीं किया है, जहां उन्हें लैंगिक असमानता महसूस हुई हो। यही सोच वह शो में प्रतियोगियों के साथ अपने व्यवहार में भी बनाए रखना चाहती हैं।

"मैं कभी ऐसी स्थिति में नहीं रही, जहां मुझे लगा हो कि मैं ऐसे लोगों से घिरी हूं, जहां जेंडर के आधार पर कोई असमानता है। प्रतियोगियों के मामले में भी यही मेरी सबसे बड़ी आवाज रही है। वे अपनी-अपनी कहानियों के साथ आते हैं और मैं उनका सम्मान करती हूं," नेहा ने कहा।

अभिनेत्री ने बताया कि कई महिला प्रतियोगी इस बारे में बात करती हैं कि लड़की होने के कारण उनका पालन-पोषण किस तरह अलग तरीके से हुआ। उनके मुताबिक, ‘रोडीज’ उन्हें इन अनुभवों और विचारों को खुलकर सामने रखने का अवसर देता है।

उन्होंने कहा, "यह मंच उन्हें एक जगह, एक पहचान और अपनी बात रखने का अवसर देता है, जहां वे इस बात से अलग होकर अपनी राय रख सकती हैं कि वे लड़की हैं या ऐसे माहौल में हैं जहां ज्यादातर लड़के हैं।"

नेहा ने कहा कि वह खुद भी इस तरह के किसी भेदभाव का समर्थन नहीं करतीं और शो का उद्देश्य भी प्रतिभागियों को उनकी लैंगिक पहचान के आधार पर कमतर आंकना नहीं है।

उन्होंने कहा, "यह ऐसी चीज है जिसका मैं समर्थन नहीं करती और शो भी इसका समर्थन नहीं करता। यह आपको कम या ज्यादा शक्तिशाली होने के बजाय बराबरी का हिस्सा होने का एहसास कराता है।"

नेहा धूपिया लंबे समय से ‘रोडीज’ से जुड़ी हुई हैं और शो में उनकी भूमिका केवल प्रतियोगियों को चुनौती देने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वह उनके व्यक्तित्व, निर्णय लेने की क्षमता और जीवन के अनुभवों पर भी अपनी राय रखती हैं। लैंगिक समानता को लेकर उनका नजरिया इस बात पर जोर देता है कि किसी व्यक्ति की क्षमता का आकलन उसके जेंडर के बजाय उसकी योग्यता और व्यक्तित्व के आधार पर होना चाहिए।