सटीक मतदाता सूची लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव: सीईसी ज्ञानेश कुमारBy Admin Mon, 05 January 2026 01:33 PM

देवघर/दुमका: भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को कहा कि एक सटीक और त्रुटिरहित मतदाता सूची लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव है और मतदाता सूची में किसी भी गैर-नागरिक का शामिल होना संविधान के खिलाफ है।

झारखंड के देवघर और दुमका जिलों में बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) से बातचीत के बाद मीडिया से बात करते हुए सीईसी ने कहा कि निर्वाचन सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) देश के 12 राज्यों में शुरू किया जा चुका है और आने वाले दिनों में इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पवित्रता बनी रहे।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का उत्सव—आम चुनाव—तभी सार्थक रूप से मनाया जा सकता है, जब मतदाता सूची पूरी तरह से सटीक हो।

अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान ज्ञानेश कुमार ने बीएलओ के साथ निर्वाचन प्रक्रिया, मतदाता सूची के शुद्धिकरण और निष्पक्ष व पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की।

सीईसी ने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया सरल और पारदर्शी है तथा जिला स्तर पर प्रारूप मतदाता सूची जारी होने के बाद भी नागरिकों को दावा और आपत्ति दर्ज करने का पर्याप्त अवसर मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग इस चरण में भाग नहीं ले पाते, उन्हें निरीक्षण और अपील के लिए अतिरिक्त एक माह का समय दिया जाता है।

उन्होंने बताया कि भविष्य में झारखंड में भी एसआईआर प्रक्रिया लागू की जाएगी।

देवघर के तपोवन स्थित श्री श्री मोहनानंद विद्यालय में आयोजित बीएलओ संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीईसी ने बूथ लेवल ऑफिसर्स को लोकतंत्र के अदृश्य नायक बताया। उन्होंने कहा कि जैसे सटीक मतदाता सूची लोकतंत्र की नींव है, वैसे ही बीएलओ उसकी रीढ़ हैं।

चुनाव आयोग की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे।

पूर्व में घर-घर सत्यापन के दौरान आई चुनौतियों का उल्लेख करते हुए सीईसी ने कहा कि पहले बीएलओ के पास आधिकारिक पहचान पत्र नहीं होते थे, जिससे लोगों में संदेह उत्पन्न होता था। उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने अब बीएलओ को आधिकारिक पहचान पत्र जारी कर दिए हैं।

झारखंड में चुनावी तैयारियों की समीक्षा करते हुए ज्ञानेश कुमार ने विश्वास जताया कि जब भी राज्य में गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम लागू किया जाएगा, उसे पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न किया जाएगा।

 

With inputs from IANS