चाईबासा में बेकाबू हाथी का तांडव, तीन दिनों में पांच लोगों की मौतBy Admin Tue, 06 January 2026 08:00 AM

चाईबासा: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोईलकेरा प्रखंड में एक जंगली हाथी के आतंक से दहशत का माहौल है। पिछले तीन दिनों में अलग-अलग घटनाओं में हाथी के हमले से पांच लोगों की जान चली गई है।

ताजा घटना सोमवार देर रात की है, जब हाथी ने एक घर में सो रहे परिवार पर हमला कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, हाथी ने कुंद्रा बहदा के घर को तोड़ना शुरू कर दिया, जिससे परिवार के सदस्य घबराकर बाहर भागने लगे। इसी दौरान कुंद्रा बहदा, उनके बेटे कोडमा बहदा और बेटी सामू बहदा को हाथी ने कुचलकर मार डाला।

परिवार की एक अन्य बच्ची जिंगी बहदा को भागने के दौरान सिर में गंभीर चोटें आईं। पहले उसका स्थानीय स्तर पर इलाज किया गया, बाद में हालत गंभीर होने पर उसे पड़ोसी राज्य ओडिशा के राउरकेला रेफर किया गया।

इससे एक दिन पहले, रविवार रात को इसी प्रखंड के बिला कुंडुकोचा गांव में 56 वर्षीय जोंगा कुई की हाथी के हमले में मौत हो गई। वह अपने घर में सो रही थीं। उनके पति चंद्रमोहन लागुरी किसी तरह जान बचाने में सफल रहे।

शुक्रवार रात को चाईबासा के पास सैयातवा वन क्षेत्र में स्थित एक बस्ती में 13 वर्षीय रेंगा कैयाम की भी हाथी के हमले में मौत हो गई थी, जब वह खलिहान में सो रहा था।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पिछले कई दिनों से हाथी की गतिविधियां गोईलकेरा और आसपास के इलाकों में देखी जा रही हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सोमवार को पश्चिम बंगाल से 10 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम तैनात की गई है, ताकि हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा जा सके।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो महीनों में पश्चिमी सिंहभूम जिले में हाथी के हमलों में 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से छह मौतें केवल गोईलकेरा प्रखंड में हुई हैं। जंगलों में अतिक्रमण और हाथियों के प्राकृतिक आवास के सिमटने से मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ता जा रहा है।

लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय और आक्रोश है। उन्होंने हाथी के आतंक से स्थायी समाधान निकालने और मृतकों व घायलों के परिजनों को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है।

 

With inputs from IANS