झारखंड के सारंडा जंगल में माओवादियों और सुरक्षा बलों के बीच भीषण मुठभेड़By Admin Thu, 22 January 2026 06:57 AM

चाईबासा - झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल क्षेत्र में गुरुवार सुबह से सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है।

हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में कई माओवादियों के मारे जाने की बात कही जा रही है, लेकिन हताहतों की संख्या को लेकर अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है और रुक-रुक कर गोलीबारी की आवाजें अब भी सुनाई दे रही हैं। कोल्हान प्रमंडल के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि ऑपरेशन जारी है और विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी।

एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर सील कर दिया गया है और अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है। वरिष्ठ पुलिस और सुरक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचकर अभियान की निगरानी कर रहे हैं।

झारखंड पुलिस के प्रवक्ता और आईजी (ऑपरेशंस) माइकलराज एस. ने बताया कि सुबह से लगातार सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच गोलीबारी हो रही है और इस दौरान माओवादियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

पुलिस के अनुसार, चोटो नागरा थाना क्षेत्र के कुंभडीह गांव के पास माओवादियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना के आधार पर संयुक्त अभियान चलाया गया था। अभियान के दौरान घात लगाए बैठे माओवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने प्रभावी जवाबी कार्रवाई की।

कई घंटों तक चली इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने बढ़त बना ली। सूत्रों का दावा है कि 50 लाख रुपये का इनामी एक शीर्ष माओवादी नेता और उसके कई सहयोगी मारे गए हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

मुठभेड़ स्थल से कई माओवादियों के शव, हथियार, गोला-बारूद और दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद की गई हैं। मारे गए माओवादी सक्रिय और वांछित बताए जा रहे हैं, जिनमें से कई पर अलग-अलग मामलों में इनाम घोषित था।

हाल के महीनों में चाईबासा और आसपास के इलाकों में नक्सल विरोधी अभियान तेज किए गए हैं। जून 2025 में टोंटो और गोइलकेरा क्षेत्रों में हुई अलग-अलग मुठभेड़ों में चार नक्सली, जिनमें वरिष्ठ कमांडर भी शामिल थे, मारे गए थे। यह वर्ष 2026 में झारखंड में माओवादियों के साथ पहली मुठभेड़ है।

वर्ष 2025 में झारखंड में पुलिस और सुरक्षा बलों ने 25 से अधिक नक्सलियों को ढेर किया था।

 

With inputs from IANS