
रांची: कुर्मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में शामिल करने की मांग को लेकर आज धुर्वा स्थित प्रभात तारा मैदान में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। सभा में भारी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने आंदोलन की गंभीरता और व्यापक समर्थन को स्पष्ट कर दिया।
सामाजिक वेश-भूषा और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ समुदाय के लोग गाते-बजाते हुए सभा स्थल तक पहुंचे। पूरे क्षेत्र में उत्साह और एकजुटता का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम को सफल बनाने में कुर्मी समाज से जुड़े 18 संगठनों के कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका रही। सभा में युवा, बुजुर्ग और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी उल्लेखनीय रही।
इस आंदोलन को समर्थन देने झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो अपने संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ जनसभा में शामिल हुए।
सभा को संबोधित करते हुए देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि यह आंदोलन किसी के विरोध में नहीं, बल्कि अपने समुदाय को जागरूक और संगठित करने के उद्देश्य से है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर कुर्मी समुदाय को संगठित होने से रोकने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि कुर्मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने तथा कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में स्थान देने की मांग वर्षों से लंबित है, लेकिन सरकार इस पर गंभीरता नहीं दिखा रही है। उन्होंने सरकार से इस विषय पर सकारात्मक और ठोस पहल करने की मांग की।
जनसभा में शीतल अहदार, नागेंद्र महतो, लम्बोदर महतो, जयमुनी महतो, शखीचंद महतो, राजेंद्र महतो, रामपदो महतो, रणधीर चौधरी, अमरनाथ चौधरी, अमित महतो (दिल्ली), जोशोदा देवी, सुषमा देवी, पार्वती देवी, ओमप्रकाश महतो, सोनालाल महतो, राजकिशोर महतो, हरिकृष्ण महतो और रंजीत महतो सहित हजारों सामाजिक अगुवा और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सभा के दौरान समुदाय के लोगों में अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता के साथ-साथ सरकार के प्रति नाराजगी भी स्पष्ट रूप से देखने को मिली। आयोजकों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।