ख़ामेनेई की मौत के विरोध में हिंसक प्रदर्शन: कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर छह की मौतBy Admin Sun, 01 March 2026 07:39 PM









कराची — पाकिस्तान के कराची में रविवार को अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर हुए हिंसक प्रदर्शन में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। यह झड़प उस समय हुई जब शिया समुदाय के बड़ी संख्या में लोग एमटी ख़ान रोड से होते हुए वाणिज्य दूतावास की ओर मार्च कर रहे थे। यह प्रदर्शन ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई की अमेरिका-इज़राइल हमलों में मौत के विरोध में किया जा रहा था, स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी।

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दूतावास परिसर के बाहर अफरातफरी का माहौल दिखाई दिया, जहां प्रदर्शनकारियों ने दरवाज़े और खिड़कियां तोड़ दीं, आगजनी की और सुरक्षा बलों के साथ झड़प की। प्रदर्शनकारियों को डंडों से गार्ड एरिया पर हमला करते देखा गया, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को सख़्त कार्रवाई करनी पड़ी।

भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और चेतावनी स्वरूप गोलियां भी चलाईं।

एधी रेस्क्यू सेवा के बयान के अनुसार, हालात काबू में करने के लिए आंसू गैस और लाठीचार्ज के दौरान छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और कई अन्य घायल हुए हैं। पाकिस्तानी अख़बार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने यह जानकारी दी।

घायलों को इलाज के लिए एधी एम्बुलेंस के ज़रिये सिविल हॉस्पिटल कराची ले जाया गया। वहीं, कराची ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन के कारण सुल्तानाबाद ट्रैफिक सेक्शन से माई कोलाची की ओर जाने वाली सड़क के दोनों ओर यातायात बंद कर दिया गया।

सिंध के गृह मंत्री ज़ियाउल हसन लंजर ने कराची के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक आज़ाद ख़ान से हालात पर तत्काल रिपोर्ट तलब की है।

पाकिस्तानी दैनिक डॉन से बात करते हुए पुलिस सर्जन डॉ. सुमैया सैयद ने भी पुष्टि की कि छह शव सिविल हॉस्पिटल कराची लाए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि ईरानी नेता की मौत से जुड़े घटनाक्रम के बाद बंदरगाह शहर कराची में तनाव बना हुआ है और स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है। ख़ामेनेई की मौत को अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए हमलों का परिणाम बताया जा रहा है, जिसे ईरान की 46 साल पुरानी शिया-थियोकैटिक शासन व्यवस्था के लिए एक निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। इसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई ने मध्य-पूर्व के बड़े हिस्से में तनाव और हिंसा को और भड़का दिया।

 

With inputs from IANS

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