अंधविश्वास और कुरीतियों को खत्म करती है शिक्षा: मौसमी तिग्गाBy Admin Sat, 07 March 2026 01:03 PM

रांची: स्वस्थ, स्वच्छ और समृद्ध समाज के निर्माण में शिक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। बिना शिक्षित समाज के सामाजिक विकास की कल्पना भी अधूरी है। यह बातें एचईसी परिसर के सेक्टर-दो स्थित बाल मंदिर स्कूल (एनबीएम स्कूल) की प्राचार्य मौसमी तिग्गा ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि शिक्षा मनुष्य को जीवन के कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। साथ ही शिक्षा से व्यक्ति के भीतर संस्कार, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होती है। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से शिक्षा का अलख जगाने में शिक्षकों और अभिभावकों की संयुक्त भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।

प्राचार्य मौसमी तिग्गा ने कहा कि बाल मंदिर स्कूल, सेक्टर-दो (धुर्वा, एचईसी परिसर) में संस्कारयुक्त शिक्षा के माध्यम से बच्चों की छिपी प्रतिभा को निखारने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। विद्यालय में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों की भी बेहतर व्यवस्था की गई है। अनुभवी और कुशल शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को मजबूत बुनियादी शिक्षा प्रदान की जा रही है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज से अंधविश्वास और कुरीतियों की जड़ों को समाप्त करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। शिक्षित समाज ही सामाजिक नवनिर्माण की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए जागरूक और सकारात्मक पहल करें। उन्होंने बताया कि बाल मंदिर स्कूल में बच्चे स्वच्छ और बेहतर पर्यावरणीय माहौल में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विद्यालय में प्री-नर्सरी से कक्षा पांच तक नामांकन जारी है। स्कूल की शिक्षिका अनुप्रिया बच्चों की शैक्षणिक नींव को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जबकि स्कूल प्रबंधन समिति के कामता सिंह और एचएन सिंह शैक्षणिक विकास में सहयोग दे रहे हैं।