भारत 85,000 सेमीकंडक्टर डिजाइन इंजीनियरों के प्रशिक्षण की दिशा में आगे बढ़ रहा है: अश्विनी वैष्णवBy Admin Sat, 07 March 2026 04:00 PM









नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कहा कि ‘चिप्स टू स्टार्टअप्स’ (C2S) पहल के तहत 85,000 सेमीकंडक्टर डिजाइन इंजीनियरों को प्रशिक्षित करने के लक्ष्य की दिशा में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है।

मंत्री ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में प्रतिभा विकास को मजबूत करने के लिए सरकार के प्रयासों को रेखांकित किया।

यह कार्यक्रम ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ (ISM) का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य प्रशिक्षण, कौशल उन्नयन और कार्यबल विकास के माध्यम से देश के उभरते चिप इकोसिस्टम के लिए मजबूत प्रतिभा आपूर्ति तैयार करना है। वैष्णव ने कहा कि 10 वर्षीय C2S पहल के पहले चार वर्षों में ही महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है।

उन्होंने बताया, “सिनॉप्सिस, कैडेंस डिजाइन सिस्टम्स, सीमेंस, रेनेसास इलेक्ट्रॉनिक्स, एनसिस और एएमडी जैसी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के विश्वस्तरीय इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन (EDA) टूल्स भारत के 315 शैक्षणिक संस्थानों में उपलब्ध कराए गए हैं।”

उनके अनुसार, इन टूल्स की मदद से छात्रों को सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन का व्यावहारिक अनुभव मिल रहा है।

छात्रों द्वारा डिजाइन की गई चिप्स का निर्माण और परीक्षण मोहाली स्थित सेमीकंडक्टर लैबोरेटरी (SCL) में किया जा रहा है, जिससे उन्हें डिजाइन से लेकर निर्माण, पैकेजिंग और परीक्षण तक की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव मिल रहा है।

उन्होंने बताया कि यह पहल अब दुनिया का सबसे बड़ा ओपन-एक्सेस EDA कार्यक्रम बन चुकी है, जहां अब तक चिप डिजाइन प्रशिक्षण के लिए 1.85 करोड़ घंटे से अधिक EDA टूल्स का उपयोग दर्ज किया गया है।

उन्होंने कहा कि असम से गुजरात और जम्मू-कश्मीर से तमिलनाडु तक देशभर के संस्थानों के छात्र अब सक्रिय रूप से सेमीकंडक्टर डिजाइन गतिविधियों में भाग ले रहे हैं।

वैष्णव ने वैश्विक उद्योग रुझानों का जिक्र करते हुए कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र का आकार मौजूदा 800–900 अरब डॉलर से बढ़कर लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। इससे दुनिया भर में करीब 20 लाख कुशल पेशेवरों की मांग पैदा होगी और भारत के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर खुलेंगे।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ के तहत इस कार्यक्रम का विस्तार 315 से बढ़ाकर 500 शैक्षणिक संस्थानों तक किया जाएगा, जिससे सभी राज्यों में सेमीकंडक्टर डिजाइन, निर्माण, पैकेजिंग और परीक्षण के क्षेत्र में प्रतिभा विकास को और मजबूती मिलेगी।

 

With inputs from IANS

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